धोखाधड़ी के मुकदमे की विवेचना के नाम पर मांगी थी रिश्वत, पुलिस लाइन गेट नंबर-3 के सामने हुई गिरफ्तारी
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। सिविल लाइन थाना क्षेत्र में मंगलवार को एंटी करप्शन टीम ने गंगानगर थाने में तैनात उप निरीक्षक प्रकाश चंद को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। आरोपी दरोगा मूल रूप से अलीगढ़ के गांव माता बसई का निवासी है। आरोप है कि वह एक धोखाधड़ी के मुकदमे में निष्पक्ष विवेचना के नाम पर रिश्वत मांग रहा था। हरिद्वार के मंगलौर निवासी दीपक चौधरी की शिकायत पर एंटी करप्शन टीम ने ट्रैप बिछाया और पुलिस लाइन गेट नंबर-3 के सामने कार्रवाई करते हुए दरोगा को पकड़ लिया। इसके बाद उसे सिविल लाइन थाने लाया गया जहां एंटी करप्शन निरीक्षक कैलाशचंद की तहरीर पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया।
जमीन के सौदे से शुरू हुआ विवाद
दीपक चौधरी ने बताया कि मुजफ्फरनगर के जानसठ थाना क्षेत्र के घटायन गांव की रहने वाली उनकी मामी संगीता ने गंगानगर निवासी नमन चौधरी से जमीन का सौदा किया था। नमन ने बयाने के रूप में कुछ रकम संगीता और उनके परिवार के खातों में भेज दी थी लेकिन तय समय पर शेष रकम की व्यवस्था नहीं कर सका। इसके बाद उसने सौदा रद्द कर बयाने की रकम वापस मांगी। पीड़ित परिवार के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच गांव में पंचायत हुई थी, जिसमें तय हुआ था कि जमीन बिकने के बाद नमन को उसकी रकम लौटा दी जाएगी। पंचायत में सहमति बनने के बावजूद बाद में नमन ने संगीता, नवनीत चौधरी और उनके पिता पवन के खिलाफ गंगानगर थाने में धोखाधड़ी की प्राथमिकी दर्ज करा दी। इस मुकदमे की विवेचना दरोगा प्रकाश चंद कर रहे थे।
दो लाख की मांग, 20 हजार में तय हुआ सौदा
आरोप है कि विवेचना में राहत देने के नाम पर दरोगा ने दो लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। पीड़ित के अनुसार चार दिन पहले दोनों के बीच 20 हजार रुपये देने पर सहमति बनी। इसके बाद दीपक चौधरी ने तीन दिन पहले एंटी करप्शन टीम से शिकायत कर दी। शिकायत के आधार पर मंगलवार को टीम ने ट्रैप लगाकर आरोपी को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया। एंटी करप्शन थाने के प्रभारी निरीक्षक दुर्गेश कुमार ने बताया कि आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और बुधवार को उसे न्यायालय में पेश किया जाएगा।
31 मई को दबिश के दौरान हुई थी रिश्वत की मांग
पीड़ित के अनुसार 31 मई की सुबह दरोगा प्रकाश चंद पुलिस टीम के साथ संगीता के घर पहुंचे थे। उसी दौरान परिवार को पता चला कि उनके खिलाफ धोखाधड़ी की प्राथमिकी दर्ज हुई है। दबिश के दौरान दरोगा ने परिवार को गंगानगर थाने बुलाया और वहीं विवेचना के नाम पर दो लाख रुपये की मांग की थी।
20 किलो अनार था रिश्वत का कोड वर्ड
जांच में सामने आया कि दरोगा फोन पर सीधे रुपये की बात नहीं करता था। उसने रिश्वत के लिए अनार को कोड वर्ड बना रखा था। एक हजार रुपये को वह एक किलो अनार कहता था। रिश्वत लेने से पहले उसने दीपक से कहा था कि 20 किलो अनार ले आना। इसी बातचीत के आधार पर एंटी करप्शन टीम ने ट्रैप की कार्रवाई कर आरोपी को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।