मोदीपुरम/मेरठ। शहर की हवा दिनोंदिन और जहरीली होती जा रही है। बुधवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक 428 पहुंच गया। अस्पतालों में सांस और आंख में जलन की शिकायत लेकर पहुंचे मरीजों की भीड़ देखी गई। कमिश्नरी में हुई बैठक में कमिश्नर ने भी ब्राउन लेवल पर पहुंचे वायु प्रदूषण पर चिंता जाहिर की। पिछले 48 घंटे से शहर में स्मॉग की चादर तनी है। पीएम 2.5 और पीएम 10 का स्तर सामान्य से काफी ऊपर चल रहा है। मौसम विभाग का कहना है कि हाल-फिलहाल राहत मिलने के आसार नहीं हैं।
दीपावली के बाद से मेरठ का एक्यूआई लगातार बढ़ता जा रहा है। सुबह और शाम प्रदूषण गंभीर अवस्था में होता है। नमी की वजह से धूल के कण हवा में तैर रहे हैं। शहर के गंगानगर, पल्लवपुरम और जयभीम नगर में भयावह प्रदूषण है, यहां एक्यूआई मानक से कहीं अधिक रिकार्ड किया गया। बुधवार को भी दिनभर स्मॉग की चादर तनी रही। दोपहर में कुछ देर के लिए जरूर सूरज दिखा। आईआईएफएसआर के मौसम वैज्ञानिक डा. एन सुभाष का कहना है कि हवा की धीमी गति और मौसम में नमी बढ़ने पर हवा में उड़ रहे धूलभरे कण ज्यादा प्रभावी हो जाते हैं। नतीजतन प्रदूषण का स्तर बढ़ जाता है। ऐसी स्थिति में वायु प्रदूषण कम करने के लिए तेज हवा और बारिश का ही विकल्प बचता है। बारिश न हो तो कम से कम हवा की गति 12 किमी प्रति घंटे से 15 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चले तो ही कुछ राहत मिल सकती है। मौसम कार्यालय पर दिन का अधिकतम तापमान 29 डिग्री व रात का न्यूनतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। अधिकतम आर्द्रता 91 व न्यूनतम 58 प्रतिशत दर्ज की गई।
मेरठ में तीन दिन का एक्यूआई
30 अक्तूबर 29 अक्तूबर 28 अक्तूबर
428 379 352
टीम ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया
बुधवार की शाम करीब साढ़े पांच बजे हाईवे पर पल्लवपुरम फेज वन के सामने एक बंद पड़े पेट्रोल पंप पर पड़ी रबड़ में आग लग गई। जिससे काला धुआं उठने लगा और दूर तक वातावरण में फैल गया। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के जेई एसपी सिंह टीम के साथ पहुंचे और आग को बुझाया।
प्रदूषण कम करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। टीमें भी लगातार मॉनीटरिंग कर रही हैं। दो दिन से हवा कम होने के कारण एक्यूआई में बढ़ोतरी हुई है। दीपावली पर पटाखे चलाने का असर भी माना जा रहा है।
आरके त्यागी, क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी