- समापन समारोह में 300 परिवारों ने सहभागिता कर धर्म लाभ अर्जित किया
संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर। कस्बे के श्री दिगंबर जैन प्राचीन बड़ा मंदिर में 21 मई से चल रहे 40 दिवसीय श्री शांतिनाथ विधान का सोमवार को विश्व शांति महायज्ञ की पूर्णाहुति के साथ विधिवत समापन हो गया। समारोह में करीब 300 परिवारों ने सहभागिता कर धर्म लाभ अर्जित किया।
मुख्य वेदी पर विराजमान भगवान शांतिनाथ, कुन्थुनाथ एवं अरहनाथ भगवान के जलाभिषेक से कार्यक्रम की शुरुआत हुई। शांतिधारा अशोक जैन, संदीप जैन, मीनू जैन, शैला जैन एवं श्रेय पार्श्व जैन ने की। विधान की मांगलिक क्रियाएं संपन्न हुई और जिनवाणी पूजन किया।
समापन अवसर पर 40 दिनों तक विधान के आयोजन में सहयोग देने वाले श्रद्धालुओं का तीर्थ क्षेत्र कमेटी की ओर से विजय कुमार जैन, महाप्रबंधक मुकेश जैन व अन्य पदाधिकारियों ने माल्यार्पण एवं तिलक कर सम्मान किया। विश्व शांति महायज्ञ के बाद पुण्याहवाचन की रस्म अमित जैन ने संपन्न कराई।
मुनि भाव भूषण महाराज ने प्रवचन में कहा कि संयम जीवन का सबसे बड़ा आभूषण है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार हाथी को अंकुश, घोड़े को लगाम, वाहन को ब्रेक और नदी को तटों की आवश्यकता होती है, उसी प्रकार मनुष्य के जीवन में भी संयम आवश्यक है। संयम के बिना व्यक्ति अपने लक्ष्य तक नहीं पहुंच सकता। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से संयम धर्म को अपनाकर जीवन को सार्थक बनाने का आह्वान किया।
राजेंद्र कुमार जैन, रेखा जैन, शैंकी जैन एवं युगांक जैन की ओर से श्रद्धालुओं के लिए सुरुचि भोजन की व्यवस्था की गई। इस मौके पर तीर्थ क्षेत्र कमेटी के अध्यक्ष जीवेंद्र कुमार जैन, महामंत्री मुकेश कुमार जैन, कोषाध्यक्ष राजेंद्र कुमार जैन व स्वयंसेवकों का सहयोग रहा।
प्राचीन दिगंबर जैन बड़े मंदिर में पूजा अर्चना करते श्रद्धालु स्रोत संवाद