यूपी एडीजी(लॉ एंड ऑर्डर), बांग्लादेशी आतंकी
यूपी के मुजफ्फरनगर से रविवार को पकड़े गए बांग्लादेशी आतंकी अब्दुल्ला अल मॉमून को लेकर कई बातें सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि वह आतंकियों के पहचान संबंधी फर्जी दस्तावेज बनवाकर उन्हें मुहैया करवाता था।
वहीं शुरूआती पूछताछ में पता चला कि वह देवबंद में रहकर बांग्लादेशियों के लिए फर्जी आधार कार्ड, पासपोर्ट और पहचान पत्र संबंधी अन्य दस्तावेज बनवा रहा था। बड़ी बात यह है कि आतंकी गतिविधियों के लिये वह 2011 से शक्रिय था।
उम्मीद है कि पूछताछ में वह और भी कई बड़े खुलासे कर सकता है। उसकी गतिविधियों से यह तो साफ है कि वह आंतकियों के साथ मिलकर किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में था। एटीएस की टीम ने उसके पास से फर्जी पासपोर्ट और अन्य कागजात बरामद किये है।
मुज़फ्फरनगर में चरथावल के कुटेसरा गांव की मरकज वाले धार्मिक स्थल से कथित बांग्लादेशी आतंकी अब्दुल्ला अल मॉमून पुत्र रहीसुद्दीन अहमद को गिरफ्तार किया गया है। एटीएस के अधिकारी कमांडों टीम के साथ रविवार तड़के करीब चार बजे मस्जिद पहुंचे। बताया जाता है कि अब्दुल्लाह पिछले डेढ़ माह से मस्जिद में नमाज पढ़ा रहा था। इससे पहले देवबंद के पास अंबेहटा शेखा की मस्जिद में था।
आतंकी अब्दुल्ला
मुजफ्फरनगर से गिरफ्तार किया गया आतंकी अब्दुल्ला ने पूछताछ में एटीएस टीम को बताया कि वह नकली आईडी फैजान की मदद से बनाता है, जिस पर देवबंद में फैजान के किराए के कमरे पर दबिश दी गई, लेकिन वह वहां नहीं मिला। कमरे की तलाशी में बांग्ला भाषा में जेहादी साहित्य, बम बनाने की विधि का साहित्य, कलर प्रिंटर, कई नकली आईडी मिले हैं। यह स्पष्ट हुआ है कि फैजान भी बंगलादेशी आतंकी है और 'अन्सारुल्ला बांग्ला टीम' से जुड़ा है।
सूत्रों के अनुसार 2011 से पश्चिम के कई जिलों में रहकर रेकी कर रहा था। एटीएस की टीम ने उसके पास से फर्जी पासपोर्ट और अन्य कागजात बरामद किये है। एटीएस की टीमें गोपनीय स्थान पर पूछताछ कर रही है। माना जा रहा है कि पूछताछ में कई बड़े खुलासे हो सकते है।
मुजफ्फरनगर के रहने वाले संदिग्ध आतंकी संदीप की गिरफ्तारी के बाद से ही एटीएस सहारनपुर में डेरा डाले हुए थी। आपको बता दें कि मुजफ्फरनगर के चरथावल से पकड़ा गया अब्दुल्लाह बांग्लादेश का रहने वाला है। यह वर्ष 2011 से देबवंद में रह रहा था। इसके पास से एटीएस ने फर्जी आईडी, अधिकारियों की मोहरे और पासपोर्ट बरामद किया है। देवबंद में इसका एक साथी फैजान भी रह रहा था, जो बांग्लादेशी है। फैजान के जरिए आतंकियों की फर्जी आईडी तैयार कराता था। इसके आधार पर ही वह आतंकियों को शरण दिलवाता था। अन्सारुल्ला बांग्ला टीम कुख्यात आतंकवादी ओसामा बिन लादेन द्वारा गठित किए गए आतंकवादी संगठन ‘अलकायदा’ से प्रेरित तन्जीम बतायी जाती है।
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