मेरठ में यूपी एटीएस की कार्रवाई के बाद बड़ा खुलासा हुआ है। आतंकी साकिब उर्फ डेविल और अरबाब ईद के दौरान तीन दिन तक मेरठ में रहे और वेस्ट यूपी के मॉल व रेलवे स्टेशनों को निशाना बनाने की साजिश रच रहे थे। खुफिया एजेंसियां अब उनके नेटवर्क और संपर्कियों की जांच में जुटी हैं।
यूपी एटीएस की गिरफ्त में आए मेरठ के आतंकी साकिब उर्फ डेविल और अरबाब दोनों के ईद पर घर आने की जानकारी मिली है। दोनों आतंकी पश्चिमी यूपी के मॉल और रेलवे स्टेशनों को उड़ाने की साजिश रच रहे थे। तीन दिन तक दोनों अपने घर में ही रुके रहे। इस दौरान इन्होंने मेरठ में किसी माल या रेलवे स्टेशन की फोटोग्राफी-वीडियोग्राफी की या नहीं, इसकी पड़ताल में खुफिया विभाग जुट गया है।
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खुफिया विभाग की टीम ने गोपनीय रूप से इनके परिजनों की कुंडली भी खंगालनी शुरू कर दी है। पाकिस्तानी हैंडलर और कट्टरपंथी संगठनों के संपर्क में दोनों लंबे समय से थे। साकिब पर दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट का मुकदमा होने की वजह से वह लगातार कचहरी में तारीख पर मेरठ आता रहा है। ऐसे में उसने अपना जाल यहां किस स्तर पर बिछाया था, इसकी जांच की जा रही है।
एसएसपी अविनाश पांडेय ने बताया कि पाकिस्तानी हैंडलर के इशारे पर काम करने वाला मास्टरमाइंड साकिब उर्फ डेविल परीक्षितगढ़ के अगवानपुर गांव का मूल रूप से रहने वाला है। वह आठ साल पहले हैदराबाद शिफ्ट हो गया था। वहां पर नाई की दुकान चला रहा था। इसका साथी अगवानपुर निवासी अरबाब चार साल पहले गुरुग्राम में शिफ्ट हो गया था। वह वहां पर वेल्डिंग का काम कर रहा था।
मेरठ इंटेलिजेंस की टीम भी इनके परिजनों के बारे में जानकारी जुटाने में लग गई है। ईद पर जब दोनों आरोपी मेरठ आए थे, तो साकिब और अरबाब दोस्तों से ईद मिलने की बात कहकर घर से निकल जाते थे। इनके परिजनों, रिश्तेदारों की भूमिका की भी जानकारी ली जा रही है।
इससे पहले ग्रेटर नोएडा के कासना स्थित एक कंपनी से फरहान नबी सिद्दीकी को करीब चार महीने पहले पकड़ा गया था। इसके अलावा हाल ही में अंबाला, गाजियाबाद के कौशांबी और हापुड़ के धौलाना से भी पाकिस्तानी जासूस पकड़े गए थे। उनसे पूछताछ के बाद मिले इनपुट के आधार पर एटीएस इन आतंकियों तक पहुंची है।
साकिब के खिलाफ दुष्कर्म का दर्ज है मुकदमा
एसएसपी अविनाश पांडेय ने बताया कि साकिब 2019 में मेरठ आया था। उसके खिलाफ 2019 में दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट का मुकदमा एक किशोरी ने परीक्षितगढ़ थाने में दर्ज कराया था।
पुलिस ने जांच पड़ताल करने के बाद साकिब को जेल भेज दिया था। जहां से जमानत पर रिहा होने के बाद वह फिर से हैदराबाद चला गया। लगातार वह मेरठ में अपनी तारीख पर आता था। वर्तमान में कोर्ट में मुकदमे का क्या स्टेटस है, इसके लिए पुलिस आज कोर्ट से जानकारी जुटाने की बात कह रही है।
साकिब और अरबाब के संपर्कियों की तलाश
साकिब का कचहरी में लगातार आना जाना था, वह हैदराबाद से मेरठ लगातार आता रहता था। त्योहारों पर अरबाब भी लगातार मेरठ आता रहा है। ऐसे में माना जा रहा है कि साकिब और अरबाब के संपर्क में मेरठ के अन्य युवक तो नहीं है। इसकी जांच एटीएस और इंटेलिजेंस की टीम कर रही हैं। इनके नंबरों की सीडीआर भी खंगाली जा रही है।