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आतंकी साजिश: मोबाइल में चौंकाने वाले सबूत, ब्लास्ट के बाद पाकिस्तानी आकाओं को भेजने थे नरसंहार के वीडियो

Mon, 06 Apr 2026 12:41 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ/बिजनौर

सार

लखनऊ में ब्लास्ट की साजिश मामले में एटीएस को संदिग्ध आतंकियों के मोबाइल फोन से कई ऑडियो क्लिप मिली हैं। इनमें पाकिस्तानी हैंडलर्स विस्फोट के बाद नरसंहार के वीडियो भेजने तक के निर्देश दे रहे थे। जांच में कई बड़े खुलासे हो रहे हैं।
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ऑडियो वायरल - फोटो : अमर उजाला
पाकिस्तान से कनेक्शन के मामले में यूपी एटीएस की गिरफ्त में आए मेरठ के अरबाब का पासपोर्ट निरस्त कर दिया गया है। वहीं आईएसआई से जुड़े पाकिस्तानी हैंडलर अबूबकर की बिजनौर पुलिस को तलाश है। लखनऊ से गिरफ्तार संदिग्ध आतंकियों के मोबाइल फोन से कई अहम ऑडियो क्लिप बरामद हुई हैं। इन क्लिप्स में पाकिस्तानी हैंडलर्स द्वारा साकिब को भेजे गए निर्देश दर्ज हैं। विस्फोट से पहले की गतिविधियों और नरसंहार के वीडियो बनाने के निर्देश भी इनमें शामिल हैं। एटीएस इन मोबाइल फोनों की गहनता से जांच कर रही है।

पाकिस्तानी हैंडलर्स सोशल मीडिया के माध्यम से आतंकियों से संपर्क में थे। वे कॉल पर बात करने के साथ-साथ ऑडियो रिकॉर्डिंग भी भेजते थे। इन रिकॉर्डिंग में रेकी करने की जगह, निशाना और घटना को अंजाम देने का तरीका बताया जाता था। एटीएस को ऐसी तमाम क्लिप्स मिली हैं, जो पुख्ता सबूत मानी जा रही हैं।

यह भी पढ़ें: ISI Connection: बड़ा एक्शन, अरबाब का पासपोर्ट निरस्त, साकिब पर पॉक्सो केस में बढ़ी कानूनी शिकंजा
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कई बड़े शहरों में करनी थी वारदात
सूत्रों के अनुसार, हैंडलर्स ने पहली बड़ी वारदात लखनऊ में करने को कहा था। इसके बाद अलीगढ़, गाजियाबाद और कई अन्य धार्मिक शहर भी उनके निशाने पर थे। साकिब ने बड़ी रकम अपने खातों में ली थी। उसने यह रकम अपने करीबियों और गिरोह के अन्य सदस्यों के खातों में भी ट्रांसफर कराई थी।

जांच एजेंसी ने सभी संबंधित बैंकों से खातों का ब्योरा मांगा है। इससे पता चलेगा कि पाकिस्तानी हैंडलर्स ने मॉड्यूल को कितनी रकम भेजी। जिन-जिन खातों में रकम आई होगी, उन सभी पर कार्रवाई की जाएगी। यह जांच आतंकी फंडिंग के नेटवर्क को उजागर करने में महत्वपूर्ण है।
 
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ऑडियो वायरल - फोटो : अमर उजाला
लखनऊ में बड़ी वारदात की साजिश
जांच में सामने आया है कि साकिब और उसके साथी कई बार लखनऊ आए थे। उन्होंने लखनऊ रेलवे स्टेशन को अपनी पहली बड़ी वारदात के लिए चुना था। उन्हें पता था कि शाम के वक्त रेलवे स्टेशन पर सबसे अधिक भीड़ होती है। इसी दौरान ब्लॉस्ट कराने की पूरी साजिश रची गई थी।

साकिब हर गतिविधि की जानकारी दुबई में बैठे आकिब को दे रहा था। आकिब ही अन्य पाकिस्तानी हैंडलर्स से संपर्क में था। यह दर्शाता है कि साजिश कितनी सुनियोजित थी।

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आतंकी कनेक्शन पाए जाने का आरोपी पूर्व में पकड़ा गया उजैद
ऑडियो क्लिप में आतंकी निर्देशों का खुलासा
बरामद ऑडियो क्लिप्स में विस्फोट से पहले के सभी मूवमेंट की जानकारी है। पाकिस्तानी हैंडलर्स ने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि विस्फोट के बाद नरसंहार की स्थिति बने। इस नरसंहार के वीडियो बनाकर उन्हें भेजे जाएं। ये क्लिप्स आतंकियों के इरादों और उनके हैंडलर्स के क्रूर निर्देशों को उजागर करती हैं।

एटीएस इन क्लिप्स की लैब में भी जांच करवा रही है। यह डिजिटल साक्ष्य मामले को मजबूत बनाने में सहायक होंगे। इनसे आतंकी नेटवर्क की कार्यप्रणाली का भी पता चलता है।
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आतंकी मॉड्यूल - फोटो : अमर उजाला
आतंकी फंडिंग और नेटवर्क की पड़ताल
साकिब ने पाकिस्तानी हैंडलर्स से मिली रकम को कई खातों में लिया था। उसने यह रकम अपने करीबियों और गिरोह के अन्य सदस्यों के खातों में भी भेजी। एटीएस अब इन सभी वित्तीय लेनदेन की गहराई से जांच कर रही है। जांच एजेंसी ने संबंधित बैंकों से सभी खातों का विस्तृत ब्योरा मांगा है।

इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि मॉड्यूल को कुल कितनी रकम मिली। जिन व्यक्तियों के खातों में यह रकम आई है, उन सभी के खिलाफ कार्रवाई होगी। यह कदम आतंकी फंडिंग के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए उठाया गया है।
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