बिजनौर। घर में घुसकर परिवार को बंधक बनाते हुए लूट करने वाले दो आरोपियों को अदालत ने दोषी पाया है। मामले में अपर जिला जज प्रशांत मित्तल की अदालत ने मारूफ और दिलशाद को 10-10 साल की कठोर सजा सुनाई है। इस मामले के दो आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में दोष मुक्त कर दिया।
शहर कोतवाली के पास में रहने वाले मुकेश रस्तोगी पुत्र मंगल सेन रस्तोगी ने 3 सितंबर 2009 को लूटपाट की रिपोर्ट दर्ज कराई थी जिसमें बदमाशों ने 25 तौला सोना, 22 हजार रुपये, लाइसेंसी रिवाल्वर लूट ली। बदमाशों को उसकी पत्नी, माता-पिता और एक नौकरानी ने पहचान लिया। पुलिस ने लूट में शामिल मारूफ पुत्र मो. उमर गांव सांजक जिला मुजफ्फरनगर और दिलशाद पुत्र नूर इलाही निवासी मोहिनुद्दीन मंडावर बिजनौर के रूप में पहचान की। शनिवार को मामले की कार्यवाही पूरी होने पर साक्ष्य के आधार पर अदालत ने घटना में शामिल मारूफ और दिलशाद को दोषी पाया जबकि मामले के दो आरोपियों इंतजार पुत्र भूरा और राजू उर्फ राजकुमार पंजाबी पुत्र अमरजीत सिंह निवासी जाटान पुरकाजी मुजफ्फरनगर को संदेह का लाभ देते हुए उन्हें दोष मुक्त कर दिया।