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Meerut News: सेंट्रल मार्केट में दस से पंद्रह फीट टूटेंगी दुकानें, 100 दुकानदारों पर संकट

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मेरठ। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट में आवासीय भवनों में संचालित हो रही दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर ध्वस्तीकरण की तलवार लटक रही है। नई भवन निर्माण एवं विकास उप विधि के तहत शमन (नियमों के अनुसार परिवर्तन) के लिए अब तक मात्र 25 फीसदी व्यापारियों ने ही आवेदन किया है। जबकि इस दायरे में आने वाले करीब 400 प्रतिष्ठानों में से 100 छोटी दुकानें पूरी तरह से तोड़ी जा सकती हैं।
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सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर आवासीय भूखंड 661/6 पर बने कॉम्प्लेक्स का ध्वस्तीकरण किया जा चुका है। एक दिसंबर को सर्वोच्च न्यायालय ने सुनवाई करते दो महीने में कार्रवाई कर रिपोर्ट दाखिल करने के आदेश दिए हैं। ऐसे में दुकानदारों में बेचैनी है। वह क्षेत्र को बाजार स्ट्रीट का दर्जा दिलाने के लिए लगातार जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं। 26 दिसंबर को लखनऊ मुख्यालय में हुई 274वीं बोर्ड बैठक में सेंट्रल मार्केट को बाजार स्टेट घोषित करने संबंधी प्रस्ताव रखा गया था लेकिन इसका अनुमोदन तो दूर चर्चा तक नहीं हुई। आवास एवं विकास परिषद की ओर से बाजार में शमन के लिए व्यापारियों से आवेदन मांगे जा रहे हैं। इसके तहत 18 और 12 मीटर चौड़ी सड़कों पर दुकानों का शमन किया जा सकता है। इससे लगभग 100 दुकानदार संकट में हैं और उन्हें प्रतिष्ठान खोने का डर सता रहा है।

बाजार स्ट्रीट का दर्जा दिलाने की मांग
व्यापारी अपने प्रतिष्ठानों को बचाने के लिए जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से गुहार भी लगा रहे हैं। उनकी मांग है कि सेंट्रल मार्केट को बाजार स्ट्रीट का दर्जा दिया जाए। नई विधि में दुकानों के शमन के लिए 10 से 15 फीट तक का फ्रंट सेट बैक छोड़ना अनिवार्य है। सेंट्रल मार्केट की लगभग 100 छोटी दुकानें पूरी तरह से ध्वस्त हो सकती हैं।
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