बधाई कलां के पूर्व प्रधान विजय पाल और रोहताश मलिक बताते हैं कि गेहूं का दाना कमजोर होगा। उन्होंने बताया कि सरसों में फंगस दिखने लगी है, जिससे सरसों का दाना कमजोर रहेगा और उत्पादन में गिरावट लाजिमी है।
इस रोग से चिंतित किसान कूक्कू और दीपचंद सैनी अलावलपुर बताते हैं कि इस महीने में कोहरा पड़ना समझ से परे हैं और सरसों और गेहूं की फसल में धुंध के कारण ही फंगस नजर आ रही है। बधाईकलां निवासी अरविंद मलिक का कहना है कि अचानक तापमान बढ़ा तो गेहूं की पैदावार में नुकसान होगा और यह जल्दी पकने से उत्पादन में कमी आएगी। गेहूं की फसल ठंड की मानी जाती है।
मौसम के परिवर्तन से नवंबर महीने में बोया गेहूं की फसल को नुकसान हो सकता है। आगामी एक हफ्ते में तापमान इसी तरह बढ़ता रहा, तो गेहूं की पैदावार कम होगी। मौसम ज्यादा गर्म होना गेहूं की फसल के लिए नुकसानदायक है। - डा. पीके सिंह कृषि वैज्ञानिक कृषि विज्ञान केंद्र बघरा
हफ्तेभर का तापमान पर नजर
एक सप्ताह का तापमान अधिकतम न्यूनतम डिग्री सेल्सियस
14 फरवरी 25 09
15 फरवरी 25 10
16 फरवरी 26 10
17 फरवरी 27 09
18 फरवरी 29 11
19 फरवरी 28 10
20 फरवरी 27 09