बिजली बंबा बाईपास स्थित ग्रांडे प्रोजेक्ट पर प्रदर्शन करते आवंटी।
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तहसील ने द ग्रांडे प्रोजेक्ट पर लगाई सील
मेरठ। सात सालों से फ्लैट का इंतजार कर रहे सैकड़ों बकायेदारों के सपनों पर पानी फिर गया है। बिजली बंबा बाईपास स्थित द ग्रांडे प्रोजेक्ट पर एसडीएम मेरठ के निर्देश पर तहसील की टीम ने सीलिंग की कार्रवाई कर बकाया नोटिस चस्पा किया है। प्रोेजेक्ट पर चस्पा नोटिस में मैसर्स प्रोव्यू ऋषभ इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड पर राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग लखनऊ मद में 7220823 रुपये की राशि बकाया बताई गई है। नोटिस में आधिकारिक सील के साथ छेड़छाड़ करने पर सीआरपीसी के प्रावधान के अनुसार आपराधिक मुकदमा दर्ज किए जाने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रोजेक्ट पर सीलिंग की कार्रवाई के बाद आवंटियों ने भी प्रदर्शन किया। उन्होंने मौके पर पहुंचकर वी वांट जस्टिस की तख्ती लेकर नारेबाजी की। आवंटियों का कहना था कि हमारा फ्लैट या धनराशि मय ब्याज सहित हमें वापस दिलाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस प्रोजेक्ट को 42 हजार वर्ग मीटर में बनाया जा रहा है। बिल्डर इस प्रोजेक्ट को बेचने की कोशिश कर रहा है। आवंटियों ने बताया कि इसका मामला रेरा और कंज्यूमर फोरम में भी चल रहा है। बिजली बंबा बाईपास स्थित प्रोजेक्ट साइट पर ही प्रेस वार्ता कर आवंटियों ने अपनी समस्याएं बताईं। उनका कहना था कि बिल्डर फ्लैट दिए जाने का झूठा आश्वासन दे रहा है। बार-बार न्यायपालिका के सामने भी झूठ बोला जा रहा है। प्रेस वार्ता में मनोज माहेश्वरी, सुशील लाल, संजय मदान, दीपक जैन, सचिन जैन, रोहित कुमार आदि मौजूद रहे।