दिल्ली रोड पर सड़क किनारे खड़े वाहन हादसों की वजह बन रहे हैं। इन वाहनों की वजह से यातायात व्यवस्था भी ध्वस्त रहती है, लेकिन इस ओर न तो थाना पुलिस ध्यान दे रही है और न ही ट्रैफिक पुलिस। बुधवार देररात भी इन्हीं हालातों में हादसा हुआ। इसमें कई रोडवेज बस सवारियों की जान पर बन आई। लापरवाह अफसरों ने न तो हादसे की सुध ली और न ही घायलों का हाल जानने पहुंचे।
दिल्ली रोड का सफर जोखिम भरा होता जा रहा है। अव्यवस्था के चलते अभी तक लोगों को यहां जाम का ही सामना करना पड़ रहा था, लेकिन अब यही अव्यवस्था हादसों का सबब बन रही है। बुधवार आधी रात अतुल माहेश्वरी सेतु पर अंधेरे में सड़क निर्माण चल रहा था। पुल का यातायात वन-वे था। इसी दौरान एक डग्गामार बस बीच पुल पर बंद हो गई। चालक बस को छोड़कर चला गया। जम्मेदारी थाना पुलिस ने भी कोई सुध नहीं ली। परिणाम यह हुआ कि रोडवेज की एक बस उस खड़ी बस से जा टकराई।
पुल पर चरमराई प्रकाश व्यवस्था
अतुल माहेश्वरी सेतु की प्रकाश व्यवस्था एक पखवाड़े से ध्वस्त है। सड़क निर्माण शुरू हुआ तो प्रकाश व्यवस्था सुचारू होने की उम्मीद बनी, लेकिन सड़क बना रहे ठेकेदार ने ट्रैक्टर की लाइट से ही सड़क निर्माण शुरू करा दिया। इस दौरान ठेकेदार ने उचित बैरियर की भी व्यवस्था नहीं की। जिन पर रेडियम स्टीकर लगे हों। वहीं पुलिस ने भी रात में बस को हटाना उचित नहीं समझा।
बड़े-बड़े वाहन बने मुसीबत
दिल्ली रोड पर सेतु से उतरते ही मंडी के सामने दोनों ओर बड़े-बड़े वाहनों की कतार लग जाती है। ऐसे में बागपत अड्डा चौराहे तक वाहनों की लाइनें लग जाती हैं। इनकी वजह से रोज जाम लगता है। पुल से उतरते वाहनों की रफ्तार के आगे अगर कोई वाहन आ जाए तो हादसा होना निश्चित है, लेकिन इस स्थिति से बचने के लिए पुलिस ने कोई व्यवस्था नहीं है। सड़क पर ब्रेकर भी नहीं बनाए गए हैं। ट्रैफिक विभाग भी इस पर संज्ञान नही लेता।