मेरठ। टीपीनगर थाना क्षेत्र के पूठा गांव में हिंदुस्तान ऑयल डिपो के पास बुधवार शाम तेज रफ्तार बाइक सड़क किनारे खड़े तेल के खाली में घुस गई। इसमें बाइक सवार खड़ौली निवासी शाहवेज (16) की माैके पर ही माैत हो गई। बाइक पर सवार उसके दोस्त समर और सुभान घायल हो गए। दोनों घायलों को सुभारती अस्पताल में भर्ती कराया जहां उसकी हालत गंभीर है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार शाहवेज बिना हेलमेट बाइक चल रहा था। यदि हेलमेट पहना होता तो शायद उसकी जान बच सकती थी।
खड़ाैली निवासी शाहवेज पुत्र जावेद, समर पुत्र अरुण और सुभान पुत्र सलाउददीन उर्फ सोनू गांव के सरस्वती पब्लिक स्कूल में कक्षा सात के छात्र हैं। पुलिस के अनुसार बुधवार शाम शाहवेज के पिता की बाइक पर तीनों दोस्त घूमने निकले थे। जब यह पूठा गांव की ओर जा रहे थे तो हिंदुस्तान ऑयल डिपो के पास सड़क किनारे खड़े तेल के खाली टैंकर में उनकी तेज रफ्तार बाइक घुस गई। इसमें बाइक चला रहे शाहवेज का सिर टैंकर के पीछे लगे बंपर में जा लगा। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। बाइक पर पीछे बैठे समर और सुभान घायल हो गए। घटना को देखकर आसपास के लोग यहां पहुंचे, उनकी सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को एंबुलेंस बुलाकर सुभारती अस्पताल में भर्ती कराया।
पुलिस ने शाहवेज की जेब से मिले मोबाइल फोन से परिजनों को हादसे जानकारी दी। अस्पताल में समर और सुभान की हालत गंभीर बनी है। सीओ ब्रहमपुरी सौम्या अस्थाना ने बताया कि हादसे में एक युवक की मौत हुई है। दो घायलों का अस्पताल में उपचार चल रहा है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
बाइक की तेज रफ्तार बनी हादसे की वजह
स्थानीय लोगों के अनुसार बाइक की रफ्तार सौ किमी प्रति घंटा के आसपास थी। आरएएफ कैंप के पास स्पीड ब्रेकर के बाद मोड़ है बाइक चला रहे शाहवेज ने बिना बाइक की गति को धीमा किए ब्रेकर से कुदाकर बाइक मोड़ दी। गति तेज होने के कारण शाहवेज बाइक से नियंत्रण खो बैठा और बाइक कैंटर में जा घुसी। टक्कर इतनी तेज थी कि शाहवेज की मौके पर ही मौत हो गई। स्थानीय लोगों ने बताया कि हादसे की आवाज लगभग एक किमी दूर तक गई थी। लोगों का कहना था कि यदि हेलमेट होता तो युवक की जान बच सकती थी क्योंकि उसके सिर में चोट लगी है।
परिजनों का रोकर बुरा हाल
हादसे की जानकारी पर सुभारती अस्पताल पहुंचे शाहवेज, समर और सुभान के परिजनों बुरा हाल था। शाहवेज के पिता जावेद चिकन शाप चलाते हैं। शाहवेज दो भाईयों में छोटा था। भाई रिहान और पिता जावेद का रो रोकर बुरा हाल था। परिजनों ने बताया कि शाहवेज, समर और सुभान तीनों एक ही स्कूल में पढते थे और तीनों अच्छे दोस्त थे। तीनों अधिकांश एक ही साथ रहते थे।