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UP: कक्षा आठ के बाद नहीं पढ़ी थी किशोरी... पांच बच्चों के बाप के संपर्क में आने को लेकर परिवार ने कही ये बात

Tue, 16 Sep 2025 10:40 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, शामली

सार

यूपी के शामली में लापता पांच बच्चों के पिता और किशोरी ने जहर खाकर खुदकुशी कर ली। किशोरी के बड़े भाई ने फोन पर बताया कि तीन भाई बहनों में किशोरी मझली थी। किशोरी ने दो साल पहले कक्षा आठ तक पढ़ाई की थी। इसके बाद उसने पढ़ाई छोड़ दी थी और अब घर पर ही रहती थी।
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shamli suicide case - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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शामली के बाबरी क्षेत्र के एक गांव से दो दिन पहले लापता हुई किशोरी की तलाश में तभी से उसके दोनों भाई और पिता जुट गए थे। सोमवार को किशोरी और 45 वर्षीय शख्स के जहरीला पदार्थ निगलने की सूचना पर मेरठ मेडिकल पहुंचे तो वहां उन्हें किशोरी की मौत होने का पता चला।
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वहीं शख्स की मौत होने से पांच बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया। बाबरी क्षेत्र के एक ईंट भट्ठे पर मजदूरी करने वाली किशोरी 13 सितंबर को घर से बिना बताए लापता हो गई थी, तभी से देशपाल कश्यप भी लापता हो गया था। 

दोनों के परिजनों को उनके एक साथ जाने के बारे में कुछ पता नहीं चला। इसके चलते दोनों के परिवार वाले खुद ही अलग-अलग उनकी तलाश में जुटे हुए थे। किशोरी दो भाइयों की इकलौती बहन थी।
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किशोरी तीन भाई-बहनों में दूसरे नंबर की थी और उसने आठवीं कक्षा पास करने के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी। भाई ने बताया कि बहन के शादीशुदा युवक से बातचीत होने के बारे में परिवार वालों को कुछ पता नहीं है। उधर, बाबरी थाना पुलिस भी घटना की जानकारी मिलने पर मेडिकल कॉलेज में पहुंची।

 

लोगों को लगा दो शव पड़े हुए हैं, देखकर मच गया हड़कंप
बावली अंडरपास के पास जहां शादीशुदा शख्स व किशोरी अचेत पड़े हुए थे। वहां से गुजर रहे लोगों ने उनको पड़े हुए देखा तो ऐसा लगा कि दो शव पड़े हुए हैं। इसकी ही सूचना भी पुलिस को देकर वहां बुलाया गया। जब पुलिस पहुंची तो छानबीन करने पर पता चला कि दोनों जिंदा हैं। 

 

पुलिस उनको तुरंत ही बड़ौत सीएचसी लेकर पहुंची तो वहां से जिला अस्पताल भेज दिया गया। इसके बाद दोनों को मेरठ मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया गया। वहां जाकर किशोरी की मौत हा गई। इसके बाद शाम को शख्स की भी मौत हो गई।
 

कक्षा आठ के बाद नहीं पढ़ी
किशोरी के बड़े भाई ने फोन पर बताया कि तीन भाई बहनों में किशोरी मझली थी। किशोरी ने दो साल पहले कक्षा आठ तक पढ़ाई की थी। इसके बाद उसने पढ़ाई छोड़ दी थी और अब घर पर ही रहती थी। छोटा भाई कक्षा छह में पढ़ता है। उसने बताया कि 13 सितंबर को वे सभी मजदूरी पर गए थे और किशोरी घर पर अकेली थी। 

इसी दौरान वह बिना बताए गुम हो गई। इसके बाद उन्होंने किशोरी की इधर-उधर रिश्तेदारियों में दो दिन तक तलाश की। जब कहीं पता नहीं चला तो सोमवार सुबह बावरी थाने पर पिता की तरफ से लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। 

 

इसके बाद उन्हें बड़ौत क्षेत्र में बावली अंडरपास के निकट किशोरी और युवक के जहर खाने की जानकारी मिली। उसका कहना है कि उन्हें नहीं पता कि किशोरी शख्स के संपर्क में आई और वह उसे किस तरह से ले गया, इस बारे में कोई जानकारी नहीं है।
 

देशपाल ईंख बांधने का कर था काम
मृतक देशपाल के भाई दर्शन सिंह ने बताया कि 15 दिन पहले ही देशपाल बागपत के खेकड़ा में ईंख बांधने के लिए जाने को कहकर गया था। भट्ठा बंद होने के बाद वह इन दिनों बुलंदशहर और खेकड़ा में ईख बांधकर परिवार का गुजारा कर ता था। 

 

कई बार तो वह कई-कई दिन बाद घर पर आता था। देशराज की पत्नी का भी रो-रोकर बुरा हाल था। उसने किशोरी के बारे में कोई भी जानकारी होने से इन्कार कर दिया। मृतक की पत्नी का कहना है कि कभी भी किशोरी के बारे में घर में जिक्र नहीं हुआ।
 
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परिवार का गुजारा कैसे होगा
उपचार के दौरान देशपाल कश्यप की मौत होने से उसके पांच बच्चों के सिर से पिता का साया भी उठ गया। बताया गया कि देशपाल ही मजदूरी करके परिवार चलाता था। अब पांच बच्चों के साथ ही परिवार के अन्य सदस्यों का गुजारा कैसे होगा, यह चिंता उनके परिवार को सता रही है।
 
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