संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में समर्थ पोर्टल के माध्यम से भरे जा रहे सम सेमेस्टर परीक्षा फॉर्मों में लगातार आ रही तकनीकी समस्याओं ने विद्यार्थियों की चिंता बढ़ा दी है। स्थिति यह है कि परीक्षा फॉर्म भरने की अंतिम तिथि तक एमए द्वितीय सेमेस्टर राजनीति शास्त्र का एक भी छात्र अपना फॉर्म जमा नहीं कर सका है। वहीं, बीएड प्रथम वर्ष के छात्रों के फोटो और हस्ताक्षर भी अंतिम दिन तक पोर्टल पर अपलोड नहीं हो पाए हैं। आगामी 16 जून से प्रस्तावित परीक्षाओं को देखते हुए छात्र मानसिक दबाव में हैं। विद्यार्थी लेट फीस हटाने की मांग कर रहे हैं।
इस मामले को लेकर छात्र नेता अंकित अधाना सहित अन्य ने विवि प्रशासन और समर्थ पोर्टल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि तकनीकी खामियों के कारण छात्र समय पर परीक्षा फॉर्म नहीं भर पा रहे हैं। इसके बावजूद विलंब शुल्क वसूला जा रहा है। यह अनुचित है।
उन्होंने बताया कि बीएससी एजी के छात्र मनीष कुमार ने अंतिम तिथि से पहले ही परीक्षा फॉर्म भरते हुए 2780 रुपये की फीस जमा कर दी थी लेकिन पोर्टल पर भुगतान अपडेट नहीं हुआ। समस्या के समाधान के लिए छात्र ने कई बार विवि और समर्थ पोर्टल के कर्मचारियों से संपर्क किया लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। परेशान होकर छात्र को दोबारा फीस जमा करनी पड़ी। इस बीच अंतिम तिथि निकल जाने के कारण उस पर 500 रुपये का अतिरिक्त विलंब शुल्क भी लगा दिया गया। इससे छात्र को कुल 3280 रुपये का भुगतान करना पड़ा। आरोप है कि पोर्टल कर्मचारियों ने न केवल समस्या का समाधान नहीं किया बल्कि छात्र को रिफंड प्रक्रिया के संबंध में भी जानकारी नहीं दी।
अंकित अधाना का कहना है कि विवि में ऐसे छात्र बड़ी संख्या में हैं, जिनकी फीस तकनीकी कारणों से फंसी है और बाद में उन्हें अनावश्यक रूप से लेट फीस जमा करनी पड़ रही है। उन्होंने विवि प्रशासन से तत्काल प्रभाव से विलंब शुल्क समाप्त करने और प्रभावित छात्रों को राहत देने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र समाधान नहीं किया गया और लेट फीस वापस नहीं ली गई तो मंगलवार को विश्वविद्यालय परिसर में धूप में बैठकर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। छात्रों का कहना है कि पोर्टल की तकनीकी कमियों का खामियाजा विद्यार्थियों पर नहीं थोपा जाना चाहिए और विश्वविद्यालय प्रशासन को इस दिशा में तत्काल हस्तक्षेप करना चाहिए।