मेरठ..कंवलजीत..सेंट्रल मार्किट प्रकरण में सेक्टर 2 में धरने पर बैठे स्थानीय लोग महिलाओं ने संभा
शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट और आसपास के परिवारों पर मंडरा रहे ध्वस्तीकरण के खतरे ने अब घर की महिलाओं और बच्चों को भी सड़कों पर उतरने को मजबूर कर दिया है। शनिवार को आंदोलन की कमान संभालते हुए महिलाओं ने हाथों में कटोरा और तख्तियां लेकर आवास विकास परिषद के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान आवास विकास और आरटीआई कार्यकर्ता लोकेश खुराना के विरोध में नारों से गलियां गूंज उठीं। प्रदर्शनकारी महिलाओं की आंखों में आंसू और चेहरे पर अपने बच्चों के भविष्य को लेकर गहरी चिंता साफ झलक रही थी।
शास्त्रीनगर की सेंट्रल मार्केट में आवासीय भूखंडों पर व्यावसायिक गतिविधियां संचालित करने का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचने के बाद अब सख्ती बढ़ गई है। पूर्व में तीन मंजिला 661/6 पर हुई बुलडोजर की कार्रवाई और 44 संपत्तियों पर सील लगने के बाद अब 859 भवनों को नियमानुसार करने के निर्देश दिए गए हैं। कोर्ट के आदेशानुसार जिन भूखंडों पर फ्रंट सेट बैक, रियर सेट बैक और साइड सेट बैक छोड़े बिना निर्माण किया गया है उन्हें अब आवास विकास के मूल नक्शे के अनुरूप लाना होगा। इसका सीधा अर्थ है कि व्यापारियों को अपनी दुकानों के साथ-साथ अपने मकानों के हिस्सों को भी तोड़ना पड़ेगा।
सेक्टर-2 की गलियों में धरने पर बैठीं संतोष कुमारी और प्रमिला समेत अन्य महिलाओं ने कहा कि दुकानों पर सील लगने के बाद अब घरों को तोड़ने के नोटिस दिए जा रहे हैं। उन्होंने रुंधे गले से कहा, हम अपने बच्चों को लेकर कहां जाएंगे? दुख इस बात का है कि जिन्हें हमने वोट देकर जिताया, वे जनप्रतिनिधि आज हमारे आंसू पोंछने तक नहीं आ रहे हैं। महिलाओं ने भाजपा नेताओं के खिलाफ भी खुलकर अपनी नाराजगी जाहिर की।
सोमवार से शुरू होगा नोटिस का दौर
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में आवास विकास परिषद सोमवार से भवन स्वामियों को औपचारिक नोटिस जारी करने की तैयारी में है। इन नोटिसों के माध्यम से स्वामियों को निर्धारित समय में सेट-बैक खाली करने और उसका प्रमाण देने का अवसर दिया जाएगा। यदि भवन स्वामी स्वयं सुधार नहीं करते हैं तो प्रशासन बुलडोजर चलाकर निर्माण ध्वस्त करेगा और इसका खर्च भी स्वामियों से ही वसूला जाएगा।