खरखौदा। टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के बैनर तले परिषदीय विद्यालय के शिक्षकों ने टीईटी अनिवार्यता के विरोध में दूसरे चरण के अंतर्गत काली पट्टी बांधकर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किया।
शिक्षकों ने बताया कि टीईटी परीक्षा से संबंधित नीतियों, अनियमितताओं एवं अन्यायपूर्ण निर्णयों के कारण हजारों योग्य अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में लटक गया है। हमारा यह विरोध किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं बल्कि व्यवस्था की खामियों के खिलाफ है। काली पट्टी हमारे दुख, आक्रोश और न्याय की मांग का प्रतीक है। सभी शिक्षक लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज उठा रहे हैं और सरकार व शासन से सकारात्मक एवं त्वरित निर्णय की अपेक्षा करते हैं। यह अभियान 22 फरवरी से शुरू किया गया था। 23 से 25 फरवरी तक विद्यालयों में शिक्षक काली पट्टी बांधकर शिक्षण कार्य करेंगे। 26 फरवरी को शिक्षकों का बीएसए कार्यालय पर दोपहर 1:00 बजे से शाम 4:00 तक धरना-प्रदर्शन होगा। इसके बाद जिलाधिकारी को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा