विज्ञान किट के प्रयोग विषय पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण
मवाना। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में आवश्यकता आधारित प्रशिक्षण के अंतर्गत प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कक्षा 1 से 8 तक के शिक्षकों के लिए विज्ञान किट के प्रयोग विषय पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन हुआ। 3 से 6 अक्तूबर तक डायट में प्रशिक्षण सफलता पूर्वक संपन्न हुआ।
प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य कंपोजिट एवं उच्च प्राथमिक स्तर के शिक्षकों को गतिविधि आधारित शिक्षण विधियों से परिचित कराना और विज्ञान किट के माध्यम से विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, जिज्ञासा एवं प्रयोगात्मक कौशल का विकास करना था। जनपद के कुल 103 शिक्षकों ने सक्रिय भागीदारी की और तीन दिन तक विज्ञान विषय से संबंधित प्रयोगों, अवधारणाओं एवं शिक्षण तकनीकों पर व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त किया।
कार्यक्रम प्रभारी डॉ. मंजीत कौर खनूजा (प्रवक्ता, डायट) ने बताया कि नई शिक्षा नीति 2020 एवं राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा (विद्यालयी शिक्षा) 2023 के अनुरूप विज्ञान शिक्षण को अधिक अन्वेषणशील, प्रयोगात्मक एवं अनुभव-आधारित बनाया जा रहा है। विज्ञान किट की सहायता से विद्यार्थी प्रकाश, ध्वनि, उष्मा, चुंबकत्व, विद्युत, पदार्थ, जीव-जंतु, पौधे एवं सूक्ष्म जीवों जैसे जटिल वैज्ञानिक सिद्धांतों को सरल प्रयोगों के माध्यम से समझ सकते हैं। इस पद्धति से बच्चों में समस्या समाधान, खोजी प्रवृत्ति, समूह कार्य, सृजनात्मकता और वैज्ञानिक सोच का विकास होता है।
कोमल सिंह ढाका (अध्यापक, उच्च प्राथमिक विद्यालय लतीफपुर) ने बताया कि उच्च प्राथमिक कक्षाओं (6 से 8) के लिए विकसित विज्ञान किट एक पोर्टेबल प्रयोगशाला के रूप में कार्य करती है। जिससे विद्यार्थी रटने की प्रक्रिया से हटकर करके सीखने (लर्निंग बाई डुईंग) की ओर अग्रसर होते हैं। सलमान मेराज (वरिष्ठ प्रवक्ता) ने कहा कि यह प्रशिक्षण मॉड्यूल शिक्षकों एवं विद्यार्थियों में विज्ञान की अवधारणाओं को वैज्ञानिक तकनीक एवं प्रयोगात्मक दृष्टिकोण से समझने में सहायक सिद्ध होगा। प्रवक्ता दिनेश कुमार ने भी जानकारी दी।