मेरठ। शिक्षक भी इंसान हैं। आज के दौर में पढ़ाने के साथ-साथ प्रशासनिक दबाव, परीक्षा परिणाम का तनाव और लगातार बदलते पाठ्यक्रम ने उन्हें मानसिक थकान का शिकार बना दिया है। इस गंभीर समस्या को समझते हुए मेरठ कॉलेज में बुधवार को एक विशेष संवादात्मक कार्यशाला का आयोजन किया गया।
टीचर रि-स्किलिंग सेल की संयोजिका प्रो. पूनम सिंह के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में शोभित विश्वविद्यालय की एसोसिएट प्रो. नेहा त्यागी और प्रमाणित वित्तीय एवं स्वास्थ्य योजनाकार मनीष गुप्ता ने शिक्षकों को तनाव से मुक्ति और सकारात्मक मानसिक स्वास्थ्य के व्यावहारिक तरीके बताए। दोनों विशेषज्ञों ने साफ कहा कि छोटी-छोटी आदतों में बदलाव से शिक्षक फिर से ऊर्जावान और प्रसन्नचित्त हो सकते हैं। कार्यशाला में 22 मिनट का ध्यान सत्र रहा। इसमें आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्री श्री रविशंकर की आवाज में चलाए गए इस ध्यान ने सभागार में सन्नाटा पैदा कर दिया। आंखें बंद कर बैठे शिक्षकों के चेहरे पर गजब का सुकून था। कई शिक्षकों ने बताया कि इतने सालों में पहली बार उन्हें इतनी शांति और एकाग्रता का अनुभव हुआ। कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रो. वीनीता, प्रो. संजय कुमार, प्रो. एसके पुण्डीर, प्रो. दीपक वर्मा जैसे वरिष्ठ शिक्षकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।