स्कूल की ड्रेस बाहर से खरीदने पर 24 अप्रैल को उसके दोनों बच्चों को स्कूल प्रबंधक ने धूप में खड़ा करके रखा। साथ ही घर जाकर बताने पर नाम काटने की बात कहकर डराया और धमकाया। इससे उसकी बेटी की स्कूल के बाद हालत खराब हो गई। उसका अस्पताल में उपचार कराया गया।
पिछली 30 अप्रैल को भी दोनों बच्चों को स्कूल से निकाल दिया गया। प्रबंधक ने कहा कि माफी न मांगने तक दोनों बच्चों को स्कूल में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। प्यारेलाल के अनुसार वे 26 अप्रैल को स्कूल प्रबंधक ने अपनी गलती मानते हुए फैसलानामा लिखा था।
प्रबंधक अपने आपको एक राजनीतिक दल का नेता बताते हुए अब उन्हें धमका रहे हैं। उधर, एडीएम ने इस मामले में कार्रवाई का आश्वासन दिया। शिकायत करने वाले पीड़ित पिता के साथ अभिभावक संघ के नृपेंद्र देशवाल भी मौजूद रहे।
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