मेरठ। नगर निगम के कर निरीक्षक कृत वर्मा ने पीएम स्वनिधि योजना के पांच फार्मों पर अपर नगर आयुक्त श्रद्धा शांडिल्यायन के फर्जी हस्ताक्षर कर दिए। कर निरीक्षक के गलती स्वीकार करने पर अपर नगर आयुक्त ने नगर आयुक्त से कर निरीक्षण के निलंबन के साथ ही उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की संस्तुति की है।
नगर निगम का कर अनुभाग पीएम स्वनिधि योजना के अंतर्गत शहर के स्ट्रीट वेंडरों के रजिस्ट्रेशन करा रहा हैं। योजना में पंजीकरण कराने वाले स्ट्रीट वेंडरों को बैंकों से 10 हजार रुपये का ऋण मुहैया कराया जाना है। पंजीकरण के बाद स्ट्रीट वेंडर के लेटर ऑफ रिकमंडेशन (एलओआर) और सर्टिफिकेट पर अपर नगर आयुक्त के हस्ताक्षर होते हैं। इसके बाद ही फार्म कंप्यूटर में अपलोड होकर संबंधित बैंकों में ऋण के लिए भेजे जाते हैं। सोमवार को अपर नगर आयुक्त श्रद्धा शांडिल्यायन के सामने पांच स्ट्रीट वेंडरों के फार्म आए तो उनमें लगे एलओआर पर पहले से ही कूटचरित तरीके से उनके हस्ताक्षर किए गए थे। वे अपने फर्जी हस्ताक्षर देखकर हैरान रह गईं। उन्होंने कर निरीक्षक कृत वर्मा को तुरंत बुलाकर कड़ाई से पूछताछ की तो उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। अपर नगर आयुक्त का कहना है कि यह एक बड़ा अपराध है। कर निरीक्षक कृत वर्मा ने उनके फर्जी हस्ताक्षर करके सरकारी सेवा नियमावली के नियमों को तोड़ा है। आरोपी के निलंबन की संस्तुति करके उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की संस्तुति नगर आयुक्त से की गई है।