मुजफ्फरनगर। कोरोगेटेड बॉक्स बनाने वाली इकाईयां से जिले के अलावा दूर-दराज भी सप्लाई की जाती है। बॉक्स का प्रयोग गुड़ के सीजन में सबसे ज्यादा होता है। नए पेराई सत्र से पहले इकाईयों ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी है। उद्यमी कहते हैं कि उन्हें टैक्स में छूट और बिजली आपूर्ति में सुधार चाहिए।
जिले में बॉक्स बनाने के लिए 30 इकाईयां संचालित है। इन्हें मुख्य रूप से गुड़, डिस्टलरी और फल की पैकिंग के लिए खरीदा जाता है। बॉक्स की सबसे ज्यादा खपत गुड़ में होती है। गुड़ मंडी के व्यापारी, कोल्हू संचालक और क्रेशर संचालक बॉक्स खरीदकर पैकिंग कर माल की सप्लाई करते हैं। गन्ने के नए पेराई सत्र से पहले जिले के इकाई संचालकों ने भी अपनी तैयारियां शुरू कर दी है।