- कृषि विवि में तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला शुरू
संवाद न्यूज एजेंसी
मोदीपुरम। सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विवि में तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला शुरू हुई। कृषि महाविद्यालय के मौलिक विज्ञान विभाग में आयोजित कार्यशाला में महिलाओं को प्राकृतिक संसाधनों से मूल्यवर्धित उत्पाद तैयार करने और पर्यावरण-अनुकूल तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। पहले दिन महिलाओं ने गोबर से सजावटी और उपयोगी वस्तुएं तैयार करना सिखाया गया।
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद और भारतीय कृषि प्रणाली अनुसंधान संस्थान की ओर से यह कार्यशाला आठ अक्तूबर तक चलेगी। प्रोफेसर एवं परियोजना अन्वेषक डॉ. रश्मि ने प्रतिभागियों का स्वागत कर प्रशिक्षण के उद्देश्य बताए। वैज्ञानिक एवं सह-परियोजना अन्वेषक डॉ. निशा वर्मा ने प्राकृतिक संसाधनों के बेहतर उपयोग, कौशल विकास और स्वरोजगार के बारे में बताया। उद्यमी बरखा ने महिलाओं को गोबर से स्वास्तिक, श्रीगणेश और भगवान कृष्ण की आकृतियां तैयार करने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। इसके अलावा गमले और अन्य सजावटी और उपयोगी वस्तुएं बनाने की विधि भी बताई गई। महिलाओं ने खुद हाथों से उत्पाद तैयार किए और इनके माध्यम से आय अर्जित करने की संभावनाओं को समझा।
नाबार्ड की अधिकारी भावना जैन ने महिलाओं को वित्तीय सहायता और विभिन्न वित्तीय योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण के बाद महिलाएं छोटे स्तर पर अपना काम शुरू कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकती हैं।
गुलाब जल और सुगंधित तेल बनाना भी सीखेंगी
कार्यशाला के दूसरे दिन डॉ. रश्मि महिलाओं को गुलाब जल तैयार करने, लेमनग्रास से सुगंधित तेल निकालने तथा हर्बल अगरबत्ती, धूपबत्ती और विभिन्न प्रकार की मोमबत्तियां बनाने का प्रशिक्षण देंगी। तीसरे दिन डॉ. निशा वर्मा प्राकृतिक रंगों के निष्कर्षण, प्राकृतिक रंगाई और छपाई की विधियों की जानकारी देंगी। डॉ. युक्तिका यादव महिलाओं के स्वास्थ्य और स्वच्छता को लेकर जागरूकता सत्र संचालित करेंगी।