योजना में एमडीए ने 552 फ्लैट बनाने का प्लान तैयार किया था। अधिकारियों के मुताबिक वकील ने कोर्ट के सामने कहा कि अभी इस जमीन पर निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया है। ले-आउट तैयार किया गया है। जमीन पर निर्माण कार्य शुरू करने से पहले सभी तथ्य कोर्ट के सामने पेश कर दिए जाएंगे।
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जमीनों ने रोकी विकास की रफ्तार
ऐसे कई मामलों में जमीन की अड़चनें सामने आने से विकास की रफ्तार रुक रही है। हाल ही में मंगलवार को जागृति विहार एक्सटेंशन में भी मकानों के ड्रा निकालने के समय किसानों ने हंगामा किया था। इसके बाद भी विभाग सबक नहीं ले रहे हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना के मामले में भी अगर यह हाईकोर्ट आदेश न देता तो आवंटन प्रक्रिया के समय यह मामला भी अटक जाता।