रैपिड रेल ट्रैक के लिए मलेशिया और टर्की से हुई बातचीत
मेरठ। एनसीआरटीसी अब तेजी से ऑनलाइन प्री-बिड मीटिंग कर रहा है, जिससे प्रोजेक्ट की रफ्तार में किसी भी तरह की कोई देरी न हो सके। गृह मंत्रालय ने निर्माण कार्यों को शुरू करने की अनुमति दे दी है, लेकिन मेरठ के रेड जोन में होने के कारण यहां अनुमति नहीं मिल सकी है। इसे देखते हुए एनसीआरटीसी अन्य कार्यों को तेजी से निपटा रहा है।
बृहस्पतिवार को भी एनसीआरटीसी ने दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ आरआरटीएस कॉरिडोर के पैकेज 17 के लिए ऑनलाइन प्री-बिड मीटिंग की। आरआरटीएस परियोजना पर लॉकडाउन के प्रभाव को कम करने के लिए एनसीआरटीसी टेंडर प्रक्रिया सहित परियोजना से संबंधित कई अन्य गतिविधियों को पूरा करने के लिए प्रौद्योगिकी का उपयोग कर रहा है। अपने काम की गति को बनाए रखने के लिए एनसीआरटीसी द्वारा उठाए जा रहे विभिन्न नए कदमों में ऑनलाइन वीडियो मीटिंग भी शामिल हैं। कोविड19 महामारी के असर को आरआरटीएस परियोजना पर कम करने और कार्य को निरंतर जारी रखने के लिए एनसीआरटीसी डिजिटल रूप से सक्षम प्री-बिड मीटिंग कर रहा हैं।
विदेशी कंपनियों से हो रही चर्चा
इस मीटिंग की सफलता का अंदाजा इस बात से ही लगाया जा सकता है कि इसमें भारतीय कंपनियों के अलावा विदेशी कंपनियों (मलेशिया, टर्की इत्यादि) ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया। इससे पहले भी मेरठ में सुरंग बनाने के लिए की गई प्री-बिड मीटिंग में वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये बाहर की कई कंपनियों ने हिस्सा लिया था।
यह है पैकेज-17
यह पैकेज भी एनसीआरटीसी के लिए अहम है। इस पैकेज में रैपिड रेल के ट्रैक आदि बिछाने पर चर्चा की गई। पैकेज-17 के लिए आमंत्रित निविदा सराय काले खां (दिल्ली) से मोदीपुरम (मेरठ) और जंगपुरा स्टेबलिंग यार्ड, दुहाई और मोदीपुरम डिपो तक बैलास्टलेस/बैलास्टेड ट्रैक के निर्माण, आपूर्ति, स्थापना, परीक्षण और कमिशनिंग के लिए है।