बोर्ड परीक्षा के दौरान छात्र लगातार कई घंटे बैठकर पढ़ते रहते हैं, इससे कमर, रीढ़ की हड्डी और गर्दन में परेशानी आ सकती है। हो सकता है परीक्षा वाले दिन यह दिक्कत बढ़ जाए और पेपर हल करने में परेशानी हो। इसलिए लगातार बैठकर पढ़ने की बजाय ब्रेक लेकर पढ़ें। नित्या फिजियोथैरेपी एवं स्पोर्ट्स इंजरी लेजर सेंटर के फिजियोथैरेपिस्ट डॉ. मोहित शर्मा ने छात्रों को टिप्स दिए।
ऐसी कुर्सी पर बैठें, जो जमीन से बिल्कुल समानांतर या जमीन की ओर थोड़ी झुकी हो।
बैठते वक्त कूल्हा घुटने से नीचे नहीं होना चाहिए।
कुर्सी के मध्य हिस्से में बैठें, आपके पैरों के बीच का अंतराल आपकी जांघ की लंबाई के बराबर होना चाहिए।
बैठते समय अपनी मुद्रा यानि धड़ और जांघ के बीच 90 डिग्री या उससे अधिक का कोण रखें।
अपने कंधों व गर्दन को आराम दें।
रीढ़ को हड्डी को लगातार एकदम सीधा रखने से कंधों व बाजूओं और पैरों में अकड़न आती है।
बिना पहिए वाली कुर्सी पर बैठकर पढ़ाई करें।
आरामदायक ढीले कपड़े पहनें।
आंसर लिखने से पहले चेक करें आंसर शीट
सीबीएसई के सिटी कोआर्डिनेटर व दीवान पब्लिक स्कूल के प्रिंसिपल एचएम राउत ने छात्रों को बोर्ड परीक्षा के जरूरी टिप्स बताए। उन्होनें कहा कि जैसे ही स्टूडेंट्स को आंसर शीट मिले उसे तुरंत अच्छे से चेक कर लें। कोई पन्ना फटा, कटा हो तो कॉपी तभी बदल लें। एडमिट कार्ड के सभी निर्देशों को ध्यान से पढ़ लें, उसी के अनुसार रोल नंबर, एग्जाम सेंटर भरें। आंसर शीट आधा घंटे पहले 10 बजे मिल जाएगी।
जरूरी बातें
9.45 पर एग्जाम रूम में पहुंच जाएं।
जिस सवाल को जितने शब्दों में हल करने का निर्देश हैं, उसे उतने ही शब्दों में हल करने का प्रयास करें।
अंासर में बैलेंस बनाएं, ऐसा न हो किसी आंसर को बड़ा लिख दें और सवाल छूट जाएं।
दो नंबर वाले अंासर भी बहुत छोटे न लिखें।
सवालों को स्टेप में हल करने की कोशिश करें।
केवल ब्लू बॉल पेन ही इस्तेमाल करें।