टीपीनगर क्षेत्र में प्लास्टिक फैक्टरी के गोदाम में बुधवार सुबह तेज धमाके के बाद भीषण आग लग गई। सूचना पाकर दमकल की तीन गाड़ी मौके पर पहुंची और करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आवासीय क्षेत्र में संचालित इस फैक्टरी को लेकर क्षेत्रीय लोगों में खासी नाराजगी देखने को मिली। आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है।
जैन नगर निवासी मुकेश कुमार जैन की ट्रांसपोर्ट नगर से सटे उमेश विहार में हिंदुस्तान प्लास्टिक के नाम से फैक्टरी है। यहां पुरानी प्लास्टिक को री-साईकिल कर प्लास्टिक का सामान तैयार किया जाता था। फैक्टरी से ही सटा गोदाम भी हैं, जिससे बुधवार सुबह करीब साढ़े 10 बजे गोदाम में एक तेज धमाका हुआ और आग की लपटे उठने लगी। धमाके की आवाज से आसपास घरों में मौजूद बाहर निकल आए। लोगों ने कंट्रोल रूम इसकी सूचना दी। परतापुर, घंटाघर और पुलिस लाइन स्टेशन से एक के बाद एक दमकल की तीन गाड़ी मौके पर पहुंची और आग बुझाने में जुट गईं। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद बामुश्किल आग पर काबू पाया गया।
फैक्टरी को लेकर गुस्से में दिखे लोग
आग बुझने के बाद लोगों ने आवासीय क्षेत्र में इस फैक्टरी और गोदाम का विरोध जताया। लोगों का आरोप था कि आग और धमाके के कारण उनके घरों की दीवारों में भी दरार आ गई। लोगों ने बताया कि कुछ साल पहले जब फैक्टरी बनी थी, उसके कुछ दिन बाद ही उसमें आग लग गई थी। लोगों ने उस समय भी विरोध जताया था तो यह मामला लखनऊ तक पहुंचा था। तीन साल पहले फैक्टरी संचालक ने फैक्टरी के बराबर में ही गोदाम बना लिया था, जिसमें बुधवार को आग लग गई।
धमाके ने उठाये फैक्टरी पर सवाल
आग लगने के कुछ देर बाद ही गोदाम में तेज धमाका हुआ और भीषण आग लग गई। फैक्टरी में धमाका होना चर्चा का विषय बना रहा। लोगों का कहना है कि जब फैक्टरी में प्लास्टिक का सामान बनता है तो धमाका कैसे हुआ? लोगों का कहना है कि वह इसकी जिलाधिकारी से शिकायत करेंगे। गोदाम से सटे मकानों में रहने वाले लोगों ने तो आग के डर से अपने घरों का सामान भी बाहर निकालना शुरू कर दिया था। आग बुझने के बाद ही लोगों ने सामान वापस घर में रखवाया।
शॉर्ट सर्किट से लगी आग
प्लास्टिक का सामान बनाने वाली फैक्टरी के गोदाम में आग लगी थी। दमकल की तीन गाड़ियां मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया। आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट सामने आ रही है। - अजय कुमार शर्मा, चीफ फायर ऑफिसर