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तालों में बंद है आपका राशन

Wed, 08 Nov 2017 12:43 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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जिले में राशन वितरण व्यवस्था पटरी से उतर गई है। राशन डीलर न तो प्रतिदिन दुकानें खोलतेे हैं और न ही शासन के नियमों का अनुपालन करते हैं। सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों से अनाज की कालाबाजारी हो रही है, जिस कारण गरीबों को राशन नहीं मिल पा रहा। इतना ही नहीं राशन की दुकान पर न तो सूचना पट पर राशन का स्टॉक अंकित है और न ही अधिकारियों के मोबाइल नंबर। राशन वितरण मशीन में भी खेल किया जा रहा है। वहीं सब कुछ जानते हुए भी आपूर्ति विभाग के अधिकारी आंखें मूंदे बैठे हैं। अमर उजाला टीम ने मंगलवार को सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों पर राशन वितरण की व्यवस्था का जायजा लिया। जहां 80 प्रतिशत दुकानों पर ताले लटके मिले। स्थानीय लोगों ने बताया कि दुकानें कभी-कभी ही खोली जाती हैं।
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दुकान पर मिला ताला
पल्लवपुरम पल्हेड़ा डबल स्टोरी में सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान को पवन कुमार चलाते हैँ। वहां भी सुबह 11:15 बजे ताला लटका मिला।  

राशन वितरण की तिथि 11 अक्तूबर
पूर्वा महावीर में पीसीसीएस 5-2 की दुकान को सूरज सिंह चलाते हैं। गली में स्थित दुकान पर लगा बोर्ड पुराना और गंदा था। सुबह 11.20 बजे दुकान पर ताला लटका मिला। सामने दवा स्टोर पर बैठे युवक ने बताया कि माह में दो-तीन दिन ही दुकान खुलती है। कार्ड धारक आते रहते हैं। 

नहीं लिखी थी कोई सूचना
कोटला में सीसीएस 4-2 की दुकान को जाकिर खान चलाते हैं। सुबह 11.25 बजे दुकान पर ताला लटका मिला। 

बोर्ड नहीं था ठीक
 कंकरखेड़ा रामनगर में सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान को भगवान सिंह चलाते हैं। सुबह 11.25 बजे दुकान पर ताला लटका मिला। बोर्ड भी ठीक नहीं थे। 

नेटवर्क का बनाया बहाना 
सद्दीकनगर मेरठ तृतीय क्षेत्र में सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान को मो. तैयब चलाते हैं। 11.35 बजे दुकान तो खुली थी, लेकिन तैयब मशीन में नेटवर्क न होने का बहाना करके बैठे थे। जब रिपोर्टर ने मशीन को देखा तो उसमें नेटवर्क था। नेटवर्क का खुलासा होने पर राशन डीलर सकपका गए। 
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मशीन की नेटवर्किंग में भी खेल 
सरकार ने राशन वितरण व्यवस्था सुधारने के लिए भले ही मशीनें लगा दी हों, लेकिन उसका भी तोड़ निकाल लिया गया है। मशीनों में सेटिंग कर नेटवर्क को ही बंद कर दिया जाता है। इसका फायदा राशन डीलर माह के अंतिम सप्ताह में प्रॉक्सी के नाम पर राशन के गेहूं व चावल को निकालकर लेता है।

दुकानों का नहीं होता निरीक्षण
आपूर्ति विभाग के सप्लाई इंस्पेक्टर और एआरओ की जिम्मेदारी है कि वे दुकानों पर राशन वितरण से लेकर शासनादेश के मुताबिक सरकारी योजनाओं का प्रचार प्रसार भी देखें। लेकिन यहां ऐसा नहीं हो रहा है। 

जवाब मांगा जाएगा
गर्मी के दिनों में सुबह 8 बजे से दोपहर 12.30 बजे तक और शाम को भी दुकान खोलने के आदेश हैं। सभी को दुकानों के बाहर पूरा स्टॉक, राशन कार्ड धारक संख्या दर्शाने से लेकर अधिकारियों के फोन नंबर लिखने का नियम है। अगर कहीं पर राशन वितरण में अव्यवस्था है, दुकान बंद रहती हैं तो दुकानदारों को नोटिस जारी करके जवाब मांगा जाएगा। स्वेज पंवार, एआरओ, तृतीय क्षेत्र, आपूर्ति विभाग

लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी
राशन वितरण में नियमों का पालन न करने वाले दुकानदार और शासनादेश के मुताबिक कार्य न करने वाले अधिकारी व इंस्पेक्टर से जवाब तलब किया जाएगा। राशन वितरण में लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगी। कार्रवाई की जाएगी।  राजेश कुमार, जिलापूर्ति अधिकारी
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