कम तापमान में होने वाली बीमारी स्वाइन फ्लू ने भीषण गर्मी में भी हमला कर दिया है। जागृति विहार निवासी करीब 52 वर्षीय महिला और उसके 24 साल के बेटे को स्वाइन फ्लू हो गया है। मेडिकल कॉलेज की माइक्रोबायोलॉजी लैब में गुरुवार को इसकी पुष्टि हुई है। इनका उपचार चल रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पूरे परिवार को टेमी फ्लू दवा दी हैं।
सीएमओ डॉ. राजकुमार ने बताया कि स्वाइन फ्लू पीड़ित महिला और उनका बेटा हाल ही में दिल्ली गए थे। वहां महिला के भाई का बेटा एक अस्पताल में भर्ती है, उसे स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। माना जा रहा है कि वहीं से यह दोनों स्वाइन फ्लू के वायरस से संक्रमित हुए हैं।
उन्होंने बताया कि दिल्ली में जिस युवक को स्वाइन फ्लू हुआ है, उसके पिता की नौ जून को मृत्यु हुई है, उन्हें भी संदिग्ध स्वाइन फ्लू माना जा रहा था। वह नौ जून से पहले शिमला घूमकर आए थे। हालांकि उनका स्वाइन फ्लू का टेस्ट नहीं हुआ था। उन्होंने बताया कि तापमान जब 30 डिग्री सेल्सियस से कम रहता है, तभी स्वाइन फ्लू का वायरस ज्यादा एक्टिव होता है। इसके ऊपर तापमान पर स्वाइन फ्लू का वायरस कमजोर हो जाता है। स्वाइन फ्लू का सीजन नवंबर से मार्च तक माना जाता है।
17 अप्रैल को मिला था आखिरी मरीज
इस साल 17 अप्रैल तक स्वाइन फ्लू के 595 मरीज मिले थे, जिनमें से 387 मरीज मेरठ के थे। अब दो मरीज और जुड़ गए हैं। इनमें 4 लोगों की मौत हो गई थी। इससे पहले साल 2017 में स्वाइन फ्लू के मेरठ में 395 मरीज मिले थे, जिनमें 21 लोगों की मौत हो गई थी। 2018 में 24 मरीज मिले थे।
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