मानसरोवर कॉलोनी स्थित श्री मानसनाथ शिव मंदिर में श्री कूर्मपुराण कथा का आयोजन
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। मानसरोवर कॉलोनी स्थित श्री मानसनाथ शिव मंदिर में आयोजित श्री कूर्मपुराण कथा महोत्सव के चौथे दिन कथा व्यास डॉ. पंडित रामप्रकाश शास्त्री ने कहा कि कलियुग में मन के संयम की सबसे अधिक आवश्यकता है। नियंत्रित मन मनुष्य का मित्र बनकर उसे मोक्ष की ओर ले जाता है। जबकि अनियंत्रित मन उसका शत्रु बनकर पतन का कारण बनता है। उन्होंने कहा कि मन ही बंधन और मोक्ष का कारण है।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को पुराण, रामायण, श्रीमद्भगवद्गीता सहित अन्य धर्मग्रंथों का नियमित स्वाध्याय करना चाहिए, क्योंकि इनसे शुभ कर्मों की प्रेरणा मिलती है। कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण के जन्म, उनकी मनमोहक बाल लीलाओं तथा विवाह प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया गया। डॉ. शास्त्री ने भगवान नारायण के 24 अवतारों का वर्णन करते हुए बताया कि जब भगवान सीमित समय और कुछ प्राणियों के कल्याण के लिए अवतार लेते हैं तो उसे अंशावतार कहा जाता हैविवार को श्री कूर्मपुराण कथा महोत्सव का समापन होगा।
शिव महिमा का गुणगान किया
मेरठ। रुड़की रोड स्थित इंद्रप्रस्थ कॉलोनी में चल रहे श्री शिव महापुराण ज्ञान यज्ञ के छठे दिन मनोज गुरु जी महाराज ने भगवान शिव और मां पार्वती के दिव्य प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने दाम्पत्य जीवन में त्याग, तप, विश्वास और समर्पण का महत्व बताया। कथा के दौरान बच्चों ने शिव-पार्वती विवाह की मनमोहक झांकी प्रस्तुत की। इसने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। हर-हर महादेव के जयघोष और पुष्पवर्षा के बीच बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने कथा का श्रवण किया। इस अवसर पर कॉलोनी पदाधिकारी, गणमान्य नागरिक तथा ब्राह्मण आचार्य भी उपस्थित रहे।