तबीयत खराब की सूचना पर पहुंचा था मायका पक्ष
शिकायतकर्ता के अनुसार शुक्रवार देर शाम ससुराल पक्ष की ओर से गुलफ्शा की तबीयत खराब होने की सूचना दी गई। सूचना मिलने पर जब परिजन गांव कालंद पहुंचे तो उसकी मौत हो चुकी थी। इसके बाद मायके पक्ष ने पहले जानी थाने पहुंचकर हंगामा किया और बाद में थाना सरधना में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि गुलफ्शा की मौत सामान्य नहीं, बल्कि दहेज की मांग को लेकर की गई प्रताड़ना का परिणाम है। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि गुलफ्शा और उसकी बहन फरहा का विवाह एक साथ दो सगे भाइयों से हुआ था।
जबरन गर्भपात कराने का आरोप
आरोप है कि दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर दोनों बहनों के करीब दो माह का गर्भ होने के दौरान उन्हें जबरन गर्भपात की दवा खिलाई गई। आरोप है कि इसी के चलते गुलफ्शा की मौत हो गई, जबकि फरहा की तबीयत भी खराब बताई जा रही है। पुलिस ने पीड़ित पक्ष की तहरीर के आधार पर पति मुफीद, ससुर रब्बान, सास आशिया, ननद समेत अन्य के खिलाफ दहेज हत्या सहित संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली है। शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद गमगीन माहौल में विवाहिता का शव सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया।
मामले की जांच कर रही पुलिस
सीओ आशुतोष कुमार ने बताया कि तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।