इसके अलावा कांधला क्षेत्र के एक गांव निवासी 12 वर्षीय लड़की को कई दिन से बुखार और खांसी चल रही थी। शुक्रवार रात सांस लेने में परेशानी होने पर परिजन उसे कांधला सीएचसी ले गए, जहां से उसे शामली भेज दिया। सीएचसी में जांच के बाद लड़की को मेरठ रेफर कर दिया गया। चिकित्सकों का कहना है कि लड़की में कोरोना के लक्षण नहीं थे, लेकिन परिजनों की संतुष्टि के लिए मेरठ रेफर किया है।
शनिवार को शामली निवासी एक और युवक ने सीएचसी पहुंचकर बुखार और सांस लेने की परेशानी बताते हुए कोरोना की जांच कराने की मांग की। चिकित्सकों का कहना है कि युवक में हेपेटाइटिस सी के लक्षण पाए गए हैं। उसे जांच के लिए मेरठ मेडिकल रेफर किया गया है। एक अन्य मामले में एक व्यक्ति अपनी 22 वर्षीय पुत्री के साथ सीएचसी पहुंचा। उसने बताया कि कुछ दिन पहले उनके मोहल्ले में मलयेशिया से एक युवक आया था। शुक्रवार को उनके यहां कोई कार्यक्रम था। वहां से उनके घर पर टॉफी आई थीं। उनकी बेटी ने टॉफी खाई थी, जिसके बाद बेटी को बुखार आया है। उसने कोरोना की जांच की मांग की। चिकित्सकों ने कोरोना के लक्षण न मिलने पर मलेरिया और टायफाइड की जांच कराई है, जिसकी अभी रिपोर्ट नहीं आई।
सीएमओ संजय भटनागर ने बताया कि दुबई की यात्रा कर लौटी महिला को एहतियातन आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया है। जांच के लिए सैंपल दिल्ली एनसीडीसी भेजे जाएंगे। जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। अन्य दो मरीजों के परिजनों ने कोरोना की जांच कराने की मांग की थी। उनमें कोरोना के लक्षण नहीं थे। परिजनों की संतुष्टि के लिए मेरठ भेजा गया है।
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