सरधना। पुत्र प्राप्ति की मन्नत पूरी होने पर 13 साल से कांवड़ ला रही सुशीला, साथ में बच्चे। संव
- दिल्ली निवासी श्रद्धालु बोले- भोलेनाथ की कृपा से पूरी हुई मनोकामना, तब से हर वर्ष करते हैं जलाभिषेक
संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना। कांवड़ यात्रा केवल धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं की आस्था और भगवान शिव के प्रति अटूट विश्वास का प्रतीक भी है। सरधना से गुजर रही दिल्ली निवासी महिला शिवभक्त सुशीला की कहानी इसी विश्वास को बयां करती है। उन्होंने पुत्र प्राप्ति की मन्नत पूरी होने के बाद हर वर्ष हरिद्वार से पैदल गंगाजल लाकर भगवान शिव का जलाभिषेक करने का संकल्प लिया था, जिसे वह 13 वर्षों से लगातार निभा रही है।
सुशीला ने बताया कि वर्षों पहले उन्होंने भगवान भोलेनाथ से पुत्र प्राप्ति की प्रार्थना की थी। उनकी मनोकामना पूरी होने के बाद उन्होंने प्रण लिया कि प्रत्येक वर्ष हरिद्वार से गंगाजल लाकर पैदल कांवड़ यात्रा करेंगे और भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगे। तब से बिना किसी वर्ष का अंतराल किए वह लगातार यह यात्रा कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि हरिद्वार से 31 जुलाई को गंगाजल उठाने के बाद वह अपने बच्चों कंचन (15), कान्हा (12) और लक्ष्मी (4) के साथ पैदल यात्रा पर निकल पड़ीं। शुक्रवार को यह परिवार सरधना पहुंचा तो तपती सड़क पर बढ़ते उनके कदमों के पीछे आस्था से कहीं बड़ी एक मां की ममता दिखाई दे रही थी।