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सेंट्रल मार्केट ध्वस्तीकरण: छह स्कूल-छह अस्पताल समेत 44 निर्माण होंगे सील, रात में अस्पतालों से मरीज किए शिफ्ट

Tue, 07 Apr 2026 11:23 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

मेरठ के शास्त्रीनगर स्थित सेंट्रल मार्केट मामले में सुप्रीम कोर्ट ने 44 आवासीय भूखंडों में चल रही व्यावसायिक गतिविधियों को बंद कर नौ अप्रैल तक निर्माण सील करने का आदेश दिया है। 6 स्कूल, 6 अस्पताल और कई दुकानों पर असर पड़ेगा।

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रात को ही अस्पताल से शिफ्ट किए गए मरीज - फोटो : अमर उजाला
मेरठ के शास्त्रीनगर स्थित सेंट्रल मार्केट प्रकरण में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने 44 आवासीय भूखंडों में चल रही व्यावसायिक गतिविधियों को नौ अप्रैल तक बंद कर निर्माण सील करने का आदेश दिया है। इस आदेश की जद में 6 स्कूल, 6 अस्पताल और 4 बैंक्वेट हॉल समेत कई शोरूम और दुकानें आ गई हैं।

इस आदेश के बाद बाजार में सुबह से लेकर देर रात तक उथल-पुथल मची रही। जहां दिन में व्यापारियों ने आवास विकास की टीम को घेरकर विरोध जताया और उन्हें लाैटा दिया वहीं सीलिंग की दहशत में रात होते-होते अस्पतालों से कम गंभीर मरीजों को शिफ्ट करने और दुकानों से बोर्ड हटाने और दुकानें खाली करने का सिलसिला शुरू हो गया।

यह भी पढ़ें: Meerut: सेंट्रल मार्केट में ध्वस्तीकरण की तैयारी, दमकल गाड़ियां व भारी पुलिस फोर्स तैनात, व्यापारियों में रोष 
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रात को ही अस्पताल से शिफ्ट किए गए मरीज - फोटो : अमर उजाला
न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला और न्यायमूर्ति केवी विश्वनाथन की पीठ ने सुनवाई के दौरान स्पष्ट किया कि आवासीय भवनों में चल रहे स्कूल और अस्पतालों को सील किया जाए। कोर्ट ने चिंता जताते हुए कहा कि ऐसे स्कूलों में बच्चों की जान जोखिम में है। अदालत ने जिला प्रशासन को निर्देशित किया है कि अस्पतालों में भर्ती मरीजों को सुरक्षित शिफ्ट किया जाए और छात्रों के दाखिले की वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। 

पहले अदालत ने निर्माण सील करने के लिए 24 घंटे का समय दिया था, लेकिन बाद में स्कूल और अस्पताल शिफ्ट करने में आने वाली व्यवहारिक दिक्कतों को देखते हुए नौ अप्रैल तक का समय दिया है।  मामले की अगली सुनवाई भी 9 अप्रैल को तय की गई है।
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रात को ही अस्पताल से शिफ्ट किए गए मरीज - फोटो : अमर उजाला
सुनवाई के दौरान अदालत ने आवासीय भवनों में दिए गए बिजली कनेक्शन की जानकारी मांगी। इस पर आवास विकास के अधिवक्ता ने बताया कि इन आवासीय भवनों में व्यावसायिक बिजली कनेक्शन दिए गए हैं तो कोर्ट ने इस पर गहरा ऐतराज जताया। अदालत ने पीवीवीएनएल को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है कि आखिर आवासीय परिसर में कमर्शियल कनेक्शन कैसे दिए गए। 

वहीं पूर्व कमिश्नर हृषिकेश भास्कर यशोद द्वारा 27 अक्तूबर 2025 को ध्वस्तीकरण पर रोक लगाने और मार्केट को बाजार स्ट्रीट घोषित करने के आदेश को कोर्ट ने सर्वोच्च न्यायालय की अवमानना माना। अदालत ने पूर्व कमिश्नर से पूछा कि किन परिस्थितियों में यह आदेश दिया गया और उन्हें इस मामले में विस्तृत ब्यौरा व माफीनामा दाखिल करने का आदेश दिया है।
 

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रात को ही अस्पताल से शिफ्ट किए गए मरीज - फोटो : अमर उजाला
व्यापारियों ने टीम को घेरा
अदालत की कार्यवाही के बाद शाम को जब आवास एवं विकास परिषद की टीम सेंट्रल मार्केट पहुंची और व्यापारियों को निर्माण खाली करने के लिए कहा तो स्थिति तनावपूर्ण हो गई। भारी संख्या में एकत्रित व्यापारियों ने टीम का घेराव किया। व्यापारियों का तर्क था कि अभी अदालत का लिखित आदेश अपलोड नहीं हुआ है इसलिए कार्रवाई का आधार क्या है।

विरोध बढ़ता देख टीम को फिलहाल वापस लौटना पड़ा। अदालत में मुख्य सचिव आवास एवं शहरी नियोजन व आवास विकास परिषद के अध्यक्ष पी. गुरुप्रसाद, पूर्व कमिश्नर हृषिकेश भास्कर यशोद उपस्थित रहे। याचिकाकर्ता लोकेश खुराना के वकील तुषार जैन ने पक्ष रखा। योजना संख्या सात के अंतर्गत इन 44 निर्माणों को सील करने की जिम्मेदारी स्थानीय पुलिस और प्रशासन को सौंपी गई है।
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मेरठ - फोटो : अमर उजाला
जानकारी मिली है कि आवास विकास को कोर्ट ने स्कूल और हॉस्पिटल को दूसरी जगह पर शिफ्ट करने का आदेश दिया है। अभी कोर्ट का आदेश हमें नहीं मिला। कोर्ट का जो भी आदेश होगा उसका पालन कराया जाएगा।  -डॉ. वीके सिंह, डीएम
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