सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता तुषार जैन ने बताया कि मेरठ प्रशासन और आवास विकास की तरफ से जो रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में पेश की गई। सुप्रीम कोर्ट ने इस पर असंतोष जाहिर करते हुए प्रशासन और आवास विकास शास्त्रीनगर और जागृति विहार के सभी अवैध निर्माणों को दो माह में गिराने और कार्रवाई की रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया है।
तो नए कानूनों का भी नहीं मिलेगा लाभ
शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट के 661/6 कॉम्प्लेक्स को गिराने के बाद जिला प्रशासन, आवास विकास परिषद और जनप्रतिनिधियों ने अन्य अवैध निर्माणों को राहत दिलाने के प्रयास किए थे। आवास विकास परिषद के अधिकारियों ने उप्र भवन निर्माण एवं विकास उपविधि-2025 के संशोधित नियमों का भी अध्ययन किया था।
आवासीय कॉलोनी में बनीं दुकानों को बाजार स्ट्रीट की पहचान देने की बात कही गई थी। इसमें ऐसे भवन स्वामियों को राहत की उम्मीद जगी थी। सुप्रीम कोर्ट की सख्ती से साफ हो गया है कि आवासीय भूखंडों पर बनाए गए कॉमर्शियल भवनों को राहत नहीं मिलने वाली है।
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सेंट्रल मार्केट में बैठे व्यापारी
- फोटो : अमर उजाला
लटकी ध्वस्तीकरण की तलवार, बाजार स्ट्रीट के प्रस्ताव पर अभी निर्णय नहीं
सुप्रीम कोर्ट के कड़े रुख के बाद सेंट्रल मार्केट के बाकी अवैध निर्माणों पर फिर ध्वस्तीकरण की तलवार लटक गई है। तत्कालीन मंडलायुक्त और जनप्रतिनिधियों द्वारा सुझाए बाजार स्ट्रीट के प्रस्ताव पर भी अभी तक कोई निर्णय नहीं हो सका है।
क्षेत्र को बाजार स्ट्रीट घोषित करने के लिए आवास एवं विकास परिषद की बोर्ड बैठक से प्रस्ताव को पास करना होगा। इसके बाद मेडा (मेरठ विकास प्राधिकरण) की बोर्ड बैठक में इसके लिए मास्टर प्लान 2031 में संशोधन किया जाएगा। तब जाकर बाजार स्ट्रीट का दर्जा मिलेगा। हालांकि इसके बाद भी व्यापारियों को नई आवास नीति और बाजार स्ट्रीट नियमों के अनुसार दुकानों और कॉम्पलेक्स का नक्शा पास कराना होगा।
सुप्रीम कोर्ट ने 17 दिसबर 2024 का सेंट्रल मार्केट स्थित आवासीय भूखंड संख्या 661/6 पर भू उपयोग परिवर्तन कर बनाए कॉम्पलेक्स को ध्वस्त करने के इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश को बरकरार रखते हुए इस जैसे बाकी अवैध निर्माणों को भी ध्वस्त करने के आदेश दिए थे। इसमें शास्त्रीनगर और जागृति विहार में चिह्नित 1468 अवैध निर्माणों पर कार्रवाई की तलवार लटकी है।
आवास एवं विकास परिषद ने 25 अक्तूबर 2025 को कॉम्पलेक्स संख्या 661/6 को ध्वस्त कर दिया। व्यापारियों के विरोध के बाद तत्कालीन मंडलायुक्त हृषिकेश भास्कर यशोद ने 27 अक्तूबर को दिए अपने आदेश में बाकी अवैध निर्माणों को नहीं तोड़े जाने और सेंट्रल मार्केट को बाजार स्ट्रीट क्षेत्र घोषित करने का प्रस्ताव तैयार करने को कहा था।
सेंट्रल मार्केट में कार्रवाई के विरोध में बंद पड़ी मार्केट। ................संवाद.......... क