उल्लेखनीय है कि फरहा फैज ने रविवार को भी मीडिया के सामने अपनी बात रखी थी। तीन तलाक की मुख्य याचिकाकर्ता व सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता फरहा फैज ने कहा कि तीन तलाक बिल को लेकर मुस्लिम समुदाय को कोई आपत्ति नहीं है। लेकिन कुछ कट्टरपंथी नहीं चाहते कि मुस्लिम समाज उनके शिकंजे से आजाद हो। वो चाहते हैं कि मुस्लिम समुदाय आंख और कान बंद कर उनका गुलाम बना रहे।
रविवार को देवबंद पहुंची फरहा फैज भाजपा नगर अध्यक्ष गजराज राणा के आवास पर पत्रकारों से रूबरू हुईं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ कट्टरपंथी तीन तलाक बिल में रोड़ा हैं, उन्हें लगता है कि अगर तीन तलाक पर कानून लागू हो गया तो उनका वजूद खत्म हो जाएगा। इसलिए वह मुस्लिम समाज को गुमराह कर रहे हैं। देश पर जबरन शरीयत थोपने वालों पर देशद्रोह का मुकदमा चलना चाहिए। फरहा फैज ने कहा कि इस कानून को दारुल उलूम व मुस्लिम संगठन नहीं मानेंगे। क्योंकि इनके पास तलाक, निकाह, हलाला बहुविवाह के फतवों के अलावा कुछ नहीं है। अगर तीन तलाक पर कानून बन जाएगा तो इन लोगों के पास कुछ बचेगा ही नहीं और इनकी दुकानें बंद हो जाएंगी। उन्होंने ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड पर कटाक्ष करते हुए कहा कि बोर्ड केवल दारुल उलूम का एक प्रोडक्ट मात्र है।
वहीं दारुल उलूम पर आरोप लगाते हुए फरहा ने कहा कि उसकी विचारधारा के मदरसे आतंक की शिक्षा देते हैं। इसके साथ ही उन्होंने अपने ऊपर ट्रेन में हुए हमले का जिक्र करते हुए कहा कि दारुल उलूम छात्रों ने ही उन पर हमला किया था। उनकी याचिका के बाद ही दारुल उलूम को नोटिस भेजा गया था। जब तक उन्हें इंसाफ नहीं मिलता वह इस लड़ाई को जारी रखेंगी।
पगड़ी पहन राजपूताना शान को कायम रखा, सिर ढककर इस्लाम की परंपरा निभाई
भाजपाइयों द्वारा पगड़ी पहनाए जाने पर फरहा फैज ने कहा कि उनके वंशज राजपूत चौहान थे। इसलिए पगड़ी पहनकर राजपूताना शान को कायम रखा और सिर ढक कर इस्लाम धर्म की परंपरा को भी निभाया। क्योंकि इस्लाम में सिर ढकना जरूरी है। इस मौके पर राकेश पुंडीर, विकास पुंडीर, प्रवीण गोयल, कर्नल राजीव, राहुल त्यागी, स्वामी दर्शन भारती, राकेश पुंडीर, ठा. जसवंत राणा आदि मौजूद रहे।
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