इस संबंध में शिकायतकर्ता ने एक ऑडियो क्लिप भी शिकायत पत्र के साथ एमडी को सौंपी। एमडी की ओर से इस मामले की जांच के लिए दो सदस्यीय जांच समिति बनाई गई। जांच में रुपये के लेनदेन की बात और निविदा में गड़बड़ी की शिकायत सही पाई गई। इसके बाद प्रबंध निदेशक की ओर से मुनेंद्र कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
प्रबंध निदेशक ने कहा कि भ्रष्टाचार के मामले में लिप्त अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ जीरो टोलरेंस की नीति से कार्य किया जाएगा। ऐसे मामलों में कठोर कार्रवाई की जाएगी। उनके निलंबन के बाद चीफ सिविल का चार्ज चीफ टेक्निकल आनंद प्रकाश को दिया गया है। अधीक्षण अभियंता गाजियाबाद का चार्ज मेरठ के अधीक्षण अभियंता को दिया गया है।