मेरठ। मेडिकल कॉलेज में 150 करोड़ रुपये की लागत से बने सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल का उद्घाटन तो नहीं हुआ है, लेकिन इसमें सोमवार को हृदय रोग की ओपीडी शुरू कर दी गई। डायलिसिस के लिए सात मशीनें और बेड भी आ गए। हालांकि यह शुरुआत नाकाफी है। अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग में चल रही हृदय रोग ओपीडी को ही नई बिल्डिंग में शुरू किया गया है।
यानि कोई नया सेटअप नहीं है, जबकि सुपर स्पेशियलिटी में अलग से बेहतर व्यवस्था करना मकसद है। अभी तक कोई नेफ्रोलोजिस्ट उपलब्ध नहीं है। ऐसे में डायलिसिस मशीनों का कब तक इस्तेमाल हो पाएगा, यह भी कहना मुश्किल है। अभी तक यह भी तय नहीं हो पाया है कि अस्पताल को विधिवत शुरू कब किया जाएगा। इस बिल्डिंग का निर्माण साल 2016 में शुरू हुआ था। निर्माण की अवधि 13 से 24 महीने के बीच रखी गई थी। लेकिन यह करीब तीन साल बाद हैंडओवर की गई। पहले सुपर स्पेशियलिटी विंग को फरवरी 2019 में शुरू करने की योजना थी। मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों और स्टाफ के लिए पूरी एक सोसायटी तैयार की जानी थी, जिसमें डेढ़ सौ से ज्यादा फ्लैट बनाए जाने थे, मगर अब यह योजना भी धड़ाम हो गई है।