रुड़की में रेलवे स्टेशन पर शनिवार को पारस सोम पकड़ा गया था और सकुशल रूबी को पुलिस ने बरामद किया था। रूबी के बयान कराने के बाद परिजनों के सुपुर्द कर दिया था जबकि आरोपी पारस सोम को कोर्ट में पेश करने के बाद चौधरी चरण सिंह जिला कारागार में भेज दिया था। पारस सोम तब से ही जेल में बंद है। पारस के परिजनों की अर्जी पर एससी-एसटी कोर्ट में नाबालिग घोषित करने के लिए दी थी। अब यह प्रकरण किशोर न्याय बोर्ड में चल रहा है।
इस प्रकरण की जांच कर रहे सीओ सरधना आशुतोष कुमार किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष अर्जी डालकर पुलिस कस्टडी रिमांड आला कत्ल बरामद करने के लिए पारस सोम का मांगा था। जिनको किशोर न्याय बोर्ड ने रिमांड दे दिया। पूछताछ और ईख के खेत में सर्च अभियान चलाने के बाद सरधना सीएचसी में मेडिकल परीक्षण पारस सोम का कराया गया। जिसके बाद थाने में तस्करा फिर से डाला गया।
सीओ सरधना आशुतोष कुमार ने बताया कि शाम को छह बजे से पहले चौधरी चरण सिंह जिला कारागार में पारस को दाखिल कर दिया गया है। अधिवक्ता संजीव राणा उर्फ संजू रिमांड के दौरान उचित दूरी बनाए रखने के साथ-साथ शाम को जेल में दाखिल कराने के बाद ही वापस लौटें। एसएसपी अविनाश पांडे ने बताया कि आला कत्ल पारस सोम से बरामद नहीं हुआ है।
पारस ने पहले बयानों में बताया था कि उसने ट्रक में आला कत्ल फेंक दिया था, फिर बयान बदला कि ईख के खेत में आला कत्ल फेंका गया, लेकिन काफी सर्च अभियान के बावजूद आला कत्ल बरामद नहीं हो सका है। दो चश्मदीदों के बयान लिए गए हैं।
पारस सोम को बालिग मानते हुए कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की जाएगी। पारस सोम को फिलहाल बालिग की तरह ट्रीट करते हुए कार्रवाई की जा रही है। निर्भया कांड के बाद किशोर न्याय बोर्ड में कुछ गाइड लाइन आई थी कि 16 वर्ष से अधिक उम्र के व्यक्ति का मानसिक टेस्ट के आधार पर बालिग माना जाएगा।