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कपसाड़ कांड: पारस को रिमांड पर लेकर खेतों में की तलाश, नहीं मिला हत्या में प्रयुक्त हथियार, ये होगी कार्रवाई

Mon, 09 Mar 2026 11:51 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

मेरठ के कपसाड़ में सुनीता हत्या और रूबी अपहरण मामले में आरोपी पारस सोम को पुलिस ने रिमांड पर लेकर खेतों में सर्च अभियान चलाया, लेकिन हत्या में इस्तेमाल किया गया हथियार बरामद नहीं हो सका।

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कपसाड़ हत्याकांड, रूबी व पारस दाएं - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मेरठ कपसाड़ में सुनीता की हत्या और उनकी बेटी रूबी के अपहरण करने के मामले में जेल में बंद पारस सोम को सीओ सरधना और विवेचक आशुतोष कुमार ने रविवार को रिमांड पर लिया। सबसे पहले उसका जेल में चिकित्सकों ने परीक्षण किया। इसके बाद उसे सीओ और पुलिस सरधना थाने लेकर पहुंची। थाने में तस्करा डालने के बाद पुलिस पारस सोम की ओर से बताए गए खेत में लेकर पहुंची। 

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वहां आला कत्ल बरामद करने के लिए सर्च अभियान चलाया गया। आला कत्ल बरामद नहीं हुआ। आज किशोर न्याय बोर्ड में रिपोर्ट पेश की जाएगी। रिमांड के दौरान अधिवक्ता संजीव राणा उर्फ संजू भी उचित दूरी बनाए रखते हुए पारस के साथ रहे।

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रुड़की में रेलवे स्टेशन पर शनिवार को पारस सोम पकड़ा गया था और सकुशल रूबी को पुलिस ने बरामद किया था। रूबी के बयान कराने के बाद परिजनों के सुपुर्द कर दिया था जबकि आरोपी पारस सोम को कोर्ट में पेश करने के बाद चौधरी चरण सिंह जिला कारागार में भेज दिया था। पारस सोम तब से ही जेल में बंद है। पारस के परिजनों की अर्जी पर एससी-एसटी कोर्ट में नाबालिग घोषित करने के लिए दी थी। अब यह प्रकरण किशोर न्याय बोर्ड में चल रहा है।

इस प्रकरण की जांच कर रहे सीओ सरधना आशुतोष कुमार किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष अर्जी डालकर पुलिस कस्टडी रिमांड आला कत्ल बरामद करने के लिए पारस सोम का मांगा था। जिनको किशोर न्याय बोर्ड ने रिमांड दे दिया। पूछताछ और ईख के खेत में सर्च अभियान चलाने के बाद सरधना सीएचसी में मेडिकल परीक्षण पारस सोम का कराया गया। जिसके बाद थाने में तस्करा फिर से डाला गया। 

सीओ सरधना आशुतोष कुमार ने बताया कि शाम को छह बजे से पहले चौधरी चरण सिंह जिला कारागार में पारस को दाखिल कर दिया गया है। अधिवक्ता संजीव राणा उर्फ संजू रिमांड के दौरान उचित दूरी बनाए रखने के साथ-साथ शाम को जेल में दाखिल कराने के बाद ही वापस लौटें। एसएसपी अविनाश पांडे ने बताया कि आला कत्ल पारस सोम से बरामद नहीं हुआ है। 

पारस ने पहले बयानों में बताया था कि उसने ट्रक में आला कत्ल फेंक दिया था, फिर बयान बदला कि ईख के खेत में आला कत्ल फेंका गया, लेकिन काफी सर्च अभियान के बावजूद आला कत्ल बरामद नहीं हो सका है। दो चश्मदीदों के बयान लिए गए हैं।

पारस सोम को बालिग मानते हुए कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की जाएगी। पारस सोम को फिलहाल बालिग की तरह ट्रीट करते हुए कार्रवाई की जा रही है। निर्भया कांड के बाद किशोर न्याय बोर्ड में कुछ गाइड लाइन आई थी कि 16 वर्ष से अधिक उम्र के व्यक्ति का मानसिक टेस्ट के आधार पर बालिग माना जाएगा। 
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किशोर पर चल सकता है वयस्क की तरह मुकदमा
एडवोकेट उपदेश शर्मा ने बताया कि 16 से 18 वर्ष के किशोर के सात वर्ष अधिक सजा वाले जघन्य अपराध हत्या, दुष्कर्म करने पर किशोर न्याय (देखभाल और संरक्षण) अधिनियम 2015 के तहत उनके ऊपर वयस्क की तरह मुकदमा चलाया जा सकता है।

बोर्ड द्वारा मानसिक और शारीरिक क्षमता के आकलन के बाद दोषी पाए जाने पर उन्हें तीन से दस वर्ष तक की सजा या विशेष सुधार गृह में भेजा जा सकता है। जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड तय करता है कि किशोर ने अपराध वयस्क की मानसिकता से किया या नहीं। 21 वर्ष की आयु तक उन्हें सुधार गृह में रखा जाता है। इसके बाद उन्हें सामान्य जेल में स्थानांतरित किया जा सकता है। मृत्युदंड या उम्रकैद की सजा नहीं दी जा सकती।
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