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मेरठ सेंट्रल मार्केट: 80 व्यापारियों को लैंड यूज बदलने की मंजूरी, 36 हजार प्रति वर्ग मीटर शुल्क; धरना खत्म

Mon, 09 Mar 2026 11:28 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

मेरठ के शास्त्रीनगर स्थित सेंट्रल मार्केट में 80 व्यापारियों को लैंड यूज बदलने की मंजूरी मिल गई है। 36 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर शमन शुल्क जमा करने और सेटबैक छोड़ने की शर्त पर राहत दी गई है, जिसके बाद व्यापारियों ने धरना खत्म कर दिया।
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व्यापारी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सेंट्रल मार्केट पर ध्वस्तीकरण का खतरा एकबारगी टल गया है। नई भवन निर्माण एवं विकास उपविधि के अंतर्गत वास्तुविद नियोजक की ओर से 80 व्यापारियों को राहत देते हुए शमन शुल्क जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसके तहत हर सेक्टर और ब्लॉक के लिए अलग-अलग दरें निर्धारित की गई हैं। 

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सेंट्रल मार्केट के लिए 36 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से व्यापारियों को भुगतान करना होगा। इसके अलावा नियम अनुसार सेट बैक भी छोड़ना होगा। यह जानकारी मिलने के बाद खुशी से झूमे व्यापारियों ने गुलाल उड़ाकर होली खेली। यह भी कहा जा रहा है कि इस आदेश से बड़े व्यापारियों को तो राहत मिल जाएगी, लेकिन छोटे व्यापारियों की परेशानी खत्म नहीं होगी। 

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शास्त्रीनगर के सेंट्रल मार्केट में ध्वस्तीकरण को लेकर व्यापारियों की नींदें उड़ी हुई थीं। पिछले दो दिन से मेन सेंट्रल मार्केट बाजार बंद कर व्यापारी धरने पर बैठे हुए थे, वहीं सुबह बाजार बंद कराने को लेकर व्यापारी दो फाड़ हो गए। तिरंगा व्यापार संघ की ओर से बाजार बंद नहीं करते हुए लगातार दुकानें खोली गईं। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने 27 जनवरी को अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए 6 सप्ताह के भीतर ध्वस्तीकरण के सख्त आदेश दिए हैं। इस जद में 1468 निर्माण आ रहे हैं जो मूल रूप से आवासीय हैं लेकिन वर्तमान में वहां शोरूम, कॉम्प्लेक्स और दुकानें संचालित हो रही हैं। यह मियाद अब पूरी हो रही है।

मामले में आवास एवं विकास परिषद को अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करनी है। मामले में 13 मार्च को सुनवाई संभव है। इससे पहले ही रिपोर्ट दाखिल  करनी होगी। विभाग की ओर से अवैध निर्माण खुद हटाने के लिए व्यापारियों से कहा गया है। इसके लिए 15 दिन का समय देते हुए नोटिस चस्पा किए गए थे।

सेंट्रल मार्केट के व्यापारी नेता जितेंद्र अग्रवाल अट्टू ने बताया कि लखनऊ से वास्तुविद नियोजक की ओर से पहले फेज में 80 दुकानदारों को सशुल्क भू उपयोग परिवर्तन के आदेश दिए हैं। इसमें 36 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से भुगतान करना होगा। 

उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने 90 दिन में नीति बनाकर निस्तारण के आदेश दिए थे। बोर्ड बैठक में मंजूरी के बाद आदेश जारी किए गए। उसी के तहत व्यापारियों को राहत मिली है। अंजनेय सिंह ने बताया कि इससे अन्य दुकानदारों को भी राहत मिलेगी। व्यापारियों से नई शमन नीति के तहत आवेदन कराए जाएंगे।

 
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दिनभर दुकानें की जाती रहीं खाली
रविवार को भी दिनभर पूरा मेन सेंट्रल मार्केट बाजार सूना रहा। व्यावसायिक भूखंडों पर बनी दुकानें दोपहर बाद खुलीं, लेकिन खरीदार नदारद रहे। अरोड़ा गारमेंट्स के सामने ही खाली स्थान पर कुर्सी लगाकर धरने पर व्यापारी बैठे रहे। पूरे बाजार में श्रमिक लगाकर दुकानों के बोर्ड, स्ट्रक्चर आदि हटाने का काम किया जाता रहा। भीतरी इलाकों में खोली गई दुकानों को भी शटर हटाकर बंद किया जाता रहा। बाजार में रविवार को दिनभर दुकानें खाली करने के साथ ही शटर हटाकर दीवार, दरवाजे और खिड़की लगाने का काम हुआ।

आज होगी तस्वीर साफ, मांगा हुआ है फोर्स
आवास एवं विकास परिषद ने सेंट्रल मार्केट में ध्वस्तीकरण को सोमवार को फोर्स मांगा हुआ है। विभाग ने पिछले साल द रिलायबल कंपनी को 85 लाख रुपये में 661/6 व 31 अन्य व्यावसायिक भूखंडों में किए गए निर्माण के ध्वस्तीकरण का ठेका दिया गया था। बीते साल 25 व 26 अक्तूबर को 661/6 का ध्वस्तीकरण हो गया। विभाग ने कंपनी को मशीनें लेकर आने को निर्देश दिए गए हैं। सोमवार को व्यापार को लेकर विभाग की ओर से तस्वीर साफ होने की संभावना है। 
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