शास्त्रीनगर के सेंट्रल मार्केट में ध्वस्तीकरण को लेकर व्यापारियों की नींदें उड़ी हुई थीं। पिछले दो दिन से मेन सेंट्रल मार्केट बाजार बंद कर व्यापारी धरने पर बैठे हुए थे, वहीं सुबह बाजार बंद कराने को लेकर व्यापारी दो फाड़ हो गए। तिरंगा व्यापार संघ की ओर से बाजार बंद नहीं करते हुए लगातार दुकानें खोली गईं। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने 27 जनवरी को अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए 6 सप्ताह के भीतर ध्वस्तीकरण के सख्त आदेश दिए हैं। इस जद में 1468 निर्माण आ रहे हैं जो मूल रूप से आवासीय हैं लेकिन वर्तमान में वहां शोरूम, कॉम्प्लेक्स और दुकानें संचालित हो रही हैं। यह मियाद अब पूरी हो रही है।
मामले में आवास एवं विकास परिषद को अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करनी है। मामले में 13 मार्च को सुनवाई संभव है। इससे पहले ही रिपोर्ट दाखिल करनी होगी। विभाग की ओर से अवैध निर्माण खुद हटाने के लिए व्यापारियों से कहा गया है। इसके लिए 15 दिन का समय देते हुए नोटिस चस्पा किए गए थे।
सेंट्रल मार्केट के व्यापारी नेता जितेंद्र अग्रवाल अट्टू ने बताया कि लखनऊ से वास्तुविद नियोजक की ओर से पहले फेज में 80 दुकानदारों को सशुल्क भू उपयोग परिवर्तन के आदेश दिए हैं। इसमें 36 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से भुगतान करना होगा।
उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने 90 दिन में नीति बनाकर निस्तारण के आदेश दिए थे। बोर्ड बैठक में मंजूरी के बाद आदेश जारी किए गए। उसी के तहत व्यापारियों को राहत मिली है। अंजनेय सिंह ने बताया कि इससे अन्य दुकानदारों को भी राहत मिलेगी। व्यापारियों से नई शमन नीति के तहत आवेदन कराए जाएंगे।
दिनभर दुकानें की जाती रहीं खाली
रविवार को भी दिनभर पूरा मेन सेंट्रल मार्केट बाजार सूना रहा। व्यावसायिक भूखंडों पर बनी दुकानें दोपहर बाद खुलीं, लेकिन खरीदार नदारद रहे। अरोड़ा गारमेंट्स के सामने ही खाली स्थान पर कुर्सी लगाकर धरने पर व्यापारी बैठे रहे। पूरे बाजार में श्रमिक लगाकर दुकानों के बोर्ड, स्ट्रक्चर आदि हटाने का काम किया जाता रहा। भीतरी इलाकों में खोली गई दुकानों को भी शटर हटाकर बंद किया जाता रहा। बाजार में रविवार को दिनभर दुकानें खाली करने के साथ ही शटर हटाकर दीवार, दरवाजे और खिड़की लगाने का काम हुआ।
आज होगी तस्वीर साफ, मांगा हुआ है फोर्स
आवास एवं विकास परिषद ने सेंट्रल मार्केट में ध्वस्तीकरण को सोमवार को फोर्स मांगा हुआ है। विभाग ने पिछले साल द रिलायबल कंपनी को 85 लाख रुपये में 661/6 व 31 अन्य व्यावसायिक भूखंडों में किए गए निर्माण के ध्वस्तीकरण का ठेका दिया गया था। बीते साल 25 व 26 अक्तूबर को 661/6 का ध्वस्तीकरण हो गया। विभाग ने कंपनी को मशीनें लेकर आने को निर्देश दिए गए हैं। सोमवार को व्यापार को लेकर विभाग की ओर से तस्वीर साफ होने की संभावना है।