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सुनील कुमार की मौत का मामला : दो जूनियर डॉक्टरों का वेतन काटा...दो को चेतावनी

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मेरठ। सुनील कुमार की मौत के मामले में शनिवार को मेडिकल कॉलेज की तीन सदस्यीय समिति ने प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक को रिपोर्ट दे दी है। इसमें जूनियर डॉक्टरों की इलाज में लापरवाही मानी गई है। दो जूनियर डॉक्टरों का वेतन काटा गया है, जबकि दो को चेतावनी दी गई है। इनमें से दो जूनियर डॉक्टरों को मरीज की मौत के बाद ही निलंबित कर दिया गया था।
सड़क दुर्घटना में घायल हसनपुर कलां निवासी सुनील कुमार (30) की सोमवार को एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज में मौत हो गई थी। परिजनों ने चिकित्सकों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया था। वीडियो भी बनाया था जिसमें मरीज ने तड़प रहा है और एक जूनियर डॉक्टर सोता दिख रहा है। इस मामले में प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. धीरज राज ने तीन सदस्यीय समिति गठित की थी, जिसमें चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अनुपमा वर्मा, सह आचार्य डॉ. शशांक जिंदल और सह आचार्य डॉ. कृतेश मिश्रा थे। इन्होंने अपनी रिपोर्ट दे दी है, जिसमें जूनियर डॉक्टरों की लापरवाही मानी गई है। इसके आधार पर प्राचार्य डॉ. आरसी गुप्ता ने कार्रवाई की है।
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जूनियर डॉक्टरों पर यह की गई कार्रवाई
1. डॉ. भूपेश: इनकी सोते हुए वीडियो क्लिप वायरल हुई थी। इनका माह का वेतन काटा। इस दौरान निलंबित रहेंगे।

2. डॉ. अर्पित गोयल: ऑपरेशन थियेटर में उपस्थित होने के लिए रात में बिना बताए और बिना विभागाध्यक्ष की अनुमति के चले गए। यह प्रशासनिक रूप से त्रुटि की श्रेणी में है। इन्हें चेतावनी के साथ इनका एक सप्ताह का वेतन काटा गया है।

3. डॉ. अनिकेत द्विवेदी: चेतावनी दी गई है कि वह अपनी ड्यूटी अपने स्तर पर बिना विभागाध्यक्ष अनुमति के भविष्य में किसी भी परिस्थिति में नहीं बदलेंगे।


4. डॉ. कृष्ण प्रताप सिंह: सुबह आठ बजे इन्होंने मरीज देखा था इसलिए इनको अधिक सचेत रहने और अपनी ओर से न्यूनतम हर 2-3 घंटे में फोन पर जानकारी लेते रहना चाहिए था। इन्होंने ऐसा नहीं किया। इन्हें आवश्यकतानुसार भौतिक रूप से उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं।
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जिलाधिकारी को आज सौंपी जा सकती है रिपोर्ट
सुनील कुमार की मौत मामले में जिलाधिकारी ने सीएमओ, एडीएम सिटी और एसीएमओ की समिति गठित की थी जिसकी प्रारंभिक रिपोर्ट में जूनियर डॉक्टरों की इलाज में लारपरवाही का जिक्र किया गया था। इसकी विस्तृत रिपोर्ट अभी इस समिति को देनी है। इस समिति ने बयान दर्ज कर लिए हैं। रविवार या सोमवार को यह समिति जिलाधिकारी को अपनी रिपोर्ट दे सकती है।
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