गर्मी और मौसम के बदलाव के कारण स्किन एलर्जी के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है। जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में पिछले सात दिनों में स्किन एलर्जी के तीन हजार से ज्यादा मरीज पहुंचे हैं।
जिला अस्पताल में 1500 तक की ओपीडी में 200 और मेडिकल कॉलेज की तीन हजार की ओपीडी में 400 मरीज स्किन एलर्जी केआ रहे हैं। सीएमओ वीपी सिंह ने बताया जिले की 43 पीएचसी-सीएचसी में रोजाना आने वाले करीब तीन हजार मरीजों में 15 फीसदी स्किन एलर्जी केहैं। इनमें महिलाओं और बच्चों की तादाद भी काफी है। मेडिकल कॉलेज के असिस्टेंट प्रोफेसर व चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. सूरज बली ने बताया कि जब हमारा शरीर किसी चीज को लेकर ओवर रिएक्ट करता है तो उसे एलर्जी कहते हैं। स्किन एलर्जी किसी खाने की चीज, मौसमी बदलाव, गर्मी, लू, धूल, धुएं, दवा से हो सकती है। इन दिनों घमौरिया, दाद आदि के मरीज काफी हैं। दरअसल, तेज धूप में खूब पसीना निकलता है। शरीर के हिस्सों में जहां-जहां पसीना होता है, वहां-वहां स्किन रैशेज हो जाते हैं। त्वचा लाल हो जाती है। इस पर सूजन आ जाती है। जलन महसूस होने लगती है। गर्मी के मौसम में बच्चों को एलर्जी होने की आशंका बड़ों से ज्यादा होती है।
बरतें सावधानियां
घर से बाहर निकलें तो चेहरे और बाजुओं को ढकें।
सनस्क्रीन क्रीम जरूर लगाएं।
चेहरे को दिन में कई बार पानी से धोएं।
खुजलाहट हो तो खुजली न करें।
खट्टी चीजों-मिर्च मसालों से परहेज करें।
डॉक्टर की सलाह से एंटी एलर्जिक दवाएं लें।
तंग कपड़े न पहने।
साफ सफाई का विशेष ध्यान रखें।
पिछले एक सप्ताह का पारे का हाल
तारीख अधिकतम न्यूनतम
22 अप्रैल 39.1 26.1
23 अप्रैल 39.1 23.0
24 अप्रैल 38.3 22.6
25 अप्रैल 38.7 23.4
26 अप्रैल 38.8 20.9
27 अप्रैल 37.9 20.1
28 अप्रैल 39.0 22.3