सीएम दौरे की तैयारी में जुटे गन्ना अधिकारी, किसान हो रहे परेशान
मेरठ। गन्ना विभाग का पूरा अमला बागपत में होने जा रहे सीएम योगी आदित्यनाथ के कार्यक्रम में जुटा है। गन्ना किसान परेशान घूम रहे हैं। न तो अधिकारी व कर्मचारी आफिस में मिल रहे हैं और न ही गन्ना विभाग का एप ई-गन्ना कई दिन से खुल पा रहा हैं। इसके चलते किसान जरूरत की कोई भी जानकारी हासिल नहीं कर पा रहे हैं। किसानों का कहना है कि विभाग की साइट बंद होने से पर्ची कैलेंडर भी नहीं निकल पा रहा है।
सोमवार को सीएम योगी आदित्यनाथ बागपत जिले की रमाला शुगर मिल के नए प्लांट का लोकार्पण करने आ रहे हैं। प्रदेश सरकार ने इस मिल की गन्ना पेराई क्षमता 2500 टीसीडी से बढ़ाकर 5000 टीसीडी कराई है और 27 मेगावाट का को-जनरेशन (खोई से बिजली उत्पादन) प्लांट स्थापित कराया है। पिछले कई दिन से गन्ना विभाग का पूरा अमला सीएम की इस कार्यक्रम की तैयारियों के लिए बागपत में ही डेरा डाले बैठा हुआ है। उप गन्ना आयुक्त राजेश मिश्रा के अलावा जिला गन्ना अधिकारी डॉ. दुष्यंत कुमार भी वहीं जमे हैं। इस बीच अपने काम के लिए आफिस जा रहे किसानों को बैरंग लौटना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी किसानों की सुविधा के लिए तैयार किए गए एप ई-गन्ना के बंद होने से हो रही है। किसानों का कहना है कि गत 31 अक्तूबर से एप के बंद होने से वे कोई भी जानकारी हासिल नहीं कर पा रहे हैं। किसानों को सबसे ज्यादा पर्ची कैलेंडर की आवश्यकता होती है, लेकिन एप बंद होने से पर्ची कैलेंडर नहीं निकल पा रहा है। इससे उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि कैलेंडर नहीं निकलने पर उन्हें पता ही नहीं चलेगा कि कैलेंडर में पर्ची किस तरह लगाई गई है। पर्ची संशोधन के लिए कैलेंडर बेहद जरूरी है। शुगर मिल 4 और 6 नवंबर से चालू हो रहे हैं। इसके लिए गन्ना समितियां पहले ही पर्ची जारी कर चुकी है।
क्या बोले अधिकारी
किसानों के पर्ची संशोधन पहले ही हो चुके हैं। अगर किसी का काम अधूरा है तो उसे भी कराया जाएगा। साइट में कुछ काम हो रहा है, इसके चलते एप बंद चल रहा है। जल्द ही इसे चालू करा दिया जाएगा।
- राजेश मिश्रा, उप गन्ना आयुक्त मेरठ परिक्षेत्र