हजारों बीघा जमीन पर है अवैध कब्जा
जिले में गंगा खादर और अन्य जगह पर सिंचाई, राजस्व, वन विभाग की हजारों बीघा जमीन पर अवैध कब्जा है। इस पर गन्ने की फसल बोई गई है। गन्ने की फसल बाद में चीनी मिलों को किसी न किसी जुगाड़ से बेच दी जाती है।
अवैध जमीन में खड़े गन्ने की आपूर्ति चीनी मिलों को होने से बाकी किसानों को समय पर गन्ना पर्ची नहीं मिल पाती हैं। किसान गन्ना पर्ची के लिए परेशान रहते हैं। गन्ना विभाग पहले ही भूमिहीन किसानों के अवैध सट्टे को बंद करा चुका है। अब सरकारी जमीन पर गन्ना बोने वालों पर भी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
जब फसल बोई गई तब कहां सोया था प्रशासन
फसल बोने से लेकर तैयार होने तक किसी ने इस जमीन की सुध नहीं ली, अब इसे नीलाम कर कब्जा लेने की तैयारी की जा रही है। 1999 में पट्टे समाप्त होने के बाद प्रशासन अब तक कहां सोया रहा। क्यों नहीं पहले कब्जा लिया गया। इससे कई सवाल भी खड़े हो रहे हैं।
नोट- इन खबरों के बारे आपकी क्या राय हैं। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/