आरोपियों की धमकी के कारण वह चुपचाप सब कुछ सहती रही। गर्भवती होने पर उसने अपने परिवार को जानकारी दी। आरोपी परिवार के प्रभावशाली होने के कारण परिवार ने उच्चाधिकारियों से शिकायत करने का मन बनाया। जिसके बाद पीड़ित परिवार ने पुलिस अफसरों से शिकायत की थी।
एसपी सिटी रणविजय सिंह का कहना है कि चेयरमैन, उसके भाई और परिवार के एक किशोर के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज किया गया है। जबकि चेयरमैन के पिता के खिलाफ छेड़छाड़ और पॉक्सो के तहत मामला दर्ज किया गया है। जांच के बाद आरोपियों पर कार्रवाई की जाएगी।
डीएनए टेस्ट को तैयार
चेयरमैन शशांक चौधरी ने खुद पर लगे आरोपों को निराधार बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि गांव की रंजिश के चलते उन्हें फंसाने की कोशिश की जा रही है। किशोरी 15 जून 2018 से 15 जुलाई 2018 तक एक माह उनके यहां रही।
ऐसे में फिर वह आठ माह की गर्भवती कैसे हो सकती है? किशोरी का परिवार पहले भी बागपत में रहा, अब भी बागपत में रह रहा है। पुलिस डीएनए टेस्ट कराए, जिससे पूरे मामले की सच्चाई सामने आ जाएगी। उनके पिता की उम्र भी 60 साल से अधिक है, ऐसे में सभी आरोप गलत हैं।
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