चीनी बिजनौर में बनाई और बेच दी दूसरी मिलों के नाम से
बिजनौर। उत्तम और धामपुर चीनी मिल ग्रुप ने रॉ शुगर (कच्ची चीनी) ने चीनी तो जिले की इकाइयों में बनाई, लेकिन उसे ग्रुप की दूसरी मिलों के नाम से बेच दिया । केंद्र सरकार से मिलने वाली सब्सिडी भी दूसरी चीनी मिलों को ही मिली और गन्ना मूल्य भुगतान बिजनौर के किसानों का लटक गया। मामला सामने आने के बाद अब डीएम रमाकांत पांडेय ने मिलों के अध्यासी/प्रधान प्रबंधकों को दूसरी चीनी मिलों से सब्सिडी की रकम को जिले की मिलों को देने को कहा है।
चीनी मिलों को सरकार ने रॉ शुगर बनाकर निर्यात करने का कोटा दिया जाता है। इसी कोटे के आधार पर ही केंद्र सरकार मिलों को सब्सिडी देती है। इस रकम से किसानों को गन्ना मूल्य भुगतान करना था। जिले की उत्तम ग्रुप की बरकातपुर चीनी मिल की निर्यात सब्सिडी लिब्बरहेडी, खाईखेड़ी और शेरमऊ चीनी मिल को प्राप्त हुई। इसी तरह धामपुर चीनी मिल की सब्सिडी मंसूरपुर और असमौली चीनी मिल को प्राप्त हुई है। जिला गन्ना अधिकारी ने लखनऊ से रिपोर्ट मंगवाकर मामले की जांच कराई तो इस खेल का खुलासा हुआ है। जिला गन्ना अधिकारी यशपाल सिंह डीएम कार्यालय से नोटिस जारी होने की पुष्टि की है।