इस पर राज्य सरकार ने जहां मिलों को 5000 करोड़ रुपये का सॉफ्टलोन दिया था तो वहीं केंद्र सरकार ने भी चीनी के न्यूनतम बिक्री दाम 2900 रुपये प्रति कुंतल से बढ़ाकर 3100 रुपये कुंतल किए थे। इस सॉफ्ट लोन से अधिकतर मिलों ने गत पेराई सत्र 2017-18 का बकाया भुगतान तो कर दिया था लेकिन चालू पेराई सत्र का भुगतान करने से हाथ खड़े कर दिए हैं। चुनाव में गन्ना मुद्दे के गरमाए जाने से आशंकित केंद्र सरकार ने भी अब सॉफ्ट लोन की डोज मिलों को दे दी है।
ऐसे मिलेगा सॉफ्ट लोन योजना का लाभ
केंद्र सरकार की सॉफ्ट लोन योजना का लाभ उन्हीं शुगर मिलों को मिलेगा जो मिले गन्ने का उचित एवं लाभकारी मूल्य 275 रुपये प्रति कुंतल के आधार पर 26 मार्च तक देय बकाये का 25 फीसदी भुगतान कर देगी। ऐसी मिलों को आवेदन के बाद पांच साल के लिए पांच फीसदी दर पर सॉफ्ट लोन जारी कर दिया जाएगा। इस लोन से बकायेदार मिलें किसानों को गन्ना मूल्य भुगतान कर सकेंगी।
मंडल की 13 शुगर मिलों ने किया आवेदन
मंडल की 16 शुगर मिलों में से 13 शुगर मिलों ने केंद्र सरकार की सॉफ्ट लोन योजना की शर्तों को पूरा करते हुए लोन के लिए आवेदन कर दिया है। केवल सिंभावली, बृजनाथपुर और मोदीनगर शुगर मिल ही ऐसी हैं जो शर्तों को पूरा नहीं कर पा रही है। इसके चलते ही इन तीनों मिलों ने अभी तक लोन के लिए आवेदन नहीं किया है।
2100 करोड़ रुपये बकाया है मंडल की मिलों पर
मेरठ मंडल की मिलों पर चालू पेराई सत्र का 2100 करोड़ रुपये बकाया हो चुका है। मोदीनगर, सिंभावली और बुलंदशहर मिल ने तो भुगतान शुरू ही नहीं किया है। दौराला शुगर मिल ही चालू सत्र का 85 फीसदी भुगतान करके अव्वल नंबर बनी हुई है। इसके अलावा किनौनी मिल ने 9 फीसदी, बुलंदशहर मिल ने 6 फीसदी, नंगलामल मिल ने 26 फीसदी, रमाला मिल ने 35 फीसदी और अनूपशहर मिल ने 33 फीसदी ही भुगतान किया है।
लोन मिलते ही होगा बकाया भुगतान
केंद्र सरकार की सॉफ्ट लोन योजना में मंडल की 13 शुगर मिलों ने आवेदन कर दिया है। इन मिलों को लोन मिलते ही किसानों को तेजी से बकाया भुगतान करा दिया जाएगा। - हरपाल सिंह, उप गन्ना आयुक्त मेरठ परिक्षेत्र