मिल ने पांच अरब 57 करोड़ रुपये का गन्ना खरीदा और तीन अरब 11 करोड़ रुपये का भुगतान किया। पेराई में चौथे नंबर पर रही मंसूरपुर मिल ने किसानों का 70 प्रतिशत भुगतान किया है। चार अरब 99 करोड़ रुपये के मुकाबले तीन अरब 42 करोड़ रुपये किसानों को दिए हैं।
पेराई में पांचवें नंबर पर रही भैसाना चीनी मिल ने किसानों से चार अरब 75 करोड़ रुपये का गन्ना खरीदा। मिल ने सबसे कम एक अरब 56 करोड़ रुपये का भुगतान किया है। इस मिल का भुगतान केवल 30 प्रतिशत ही किया है। खाईखेड़ी मिल का भुगतान 59 प्रतिशत, रोहाना का 62 प्रतिशत और मोरना का 72 प्रतिशत हो गया है।
चीनी मिल बकाया
खतौली 260 करोड़
तितावी 242 करोड़
भैसाना 333 करोड़
मंसूरपुर 137 करोड़
टिकौला 124 करोड़
खाईखेड़ी 90 करोड़
रोहाना 41 करोड़
मोरना 45 करोड़
निरंतर जारी है भुगतान : डीसीओ
मुजफ्फरनगर जिला गन्ना अधिकारी आरडी द्विवेदी का कहना है कि चीनी मिलें किसानों का भुगतान लगातार कर रही है। सत्र के दौरान पहली बार दो हजार करोड़ से ऊपर का भुगतान हुआ है। 62 प्रतिशत भुगतान चीनी मिलें कर चुकी हैं। भुगतान की प्रक्रिया निरंतर जारी है। प्रशासन का दबाव है कि जल्द से जल्द भुगतान किया जाए। भुगतान में तेजी लाई जाएगी।