जनपद की मिलों पर भी 1245 करोड़ बकाया
मेरठ जनपद की मिलों ने भी गन्ना मूल्य भुगतान करने में तेजी नहीं दिखाई है। दौराला शुगर मिल को छोड़कर बाकी मिलों ने तिजोरी का मुंह नहीं खोला है। सबसे कम भुगतान किनौनी शुगर मिल ने किया है। पिछले दिनों शासन ने पेमेंट करने के नोटिस मिलों को भेजे थे।
इसमें हीलाहवाली करने वाली मिलों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी थी। लेकिन अभी तक मिलों ने नोटिस पर संज्ञान तक नहीं लिया है। इसी से पता चलता है कि शुगर इंडस्ट्री शासन के नोटिसों को कितना तरजीह देती है।
चीनी बिक्री नहीं होने का रो रहे रोना
शुगर इंडस्ट्री कोरोना के चलते चीनी बिक्री नहीं होने की बात कह रही है। मिल प्रबंधन का भी कहना है कि जब तक चीनी नहीं बिकेगी, तब तक वह भुगतान करने की स्थिति में नहीं होंगे।