रालोद के राष्ट्रीय महासचिव जयंत चौधरी ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने झूठे वादों के दम पर किसानों और नौजवानों के वोट तो हासिल कर लिए, लेकिन उनके लिए किया कुछ नहीं। शुक्रवार को कंकरखेड़ा में आयोजित रालोद की युवा-छात्र पंचायत में जयंत ने दावा किया कि रालोद सत्ता में आई तो किसानों और नौजवानों को उनका हक दिलाया जाएगा।
जयंत ने प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि लोकसभा चुनाव से पहले मेरठ रैली में नरेंद्र मोदी ने कहा था कि भाजपा की सरकार बनने पर किसानों को उनकी फसल लागत का डेढ़ गुना दाम मिलेगा। हर साल दो करोड़ नौजवानों को रोजगार दिया जाएगा। सवाल किया कि क्या यह सब हुआ? इस पर युवाओं ने न में जवाब दिया। जयंत ने कहा कि भाजपा झगड़ा कराकर सत्ता हासिल करती आई है। इस बार मोदी के झांसे में नहीं आना है। कहा कि रालोद में सत्ता में आई तो चौधरी चरण सिंह विवि को केंद्रीय विवि का दर्जा दिलाया जाएगा। शहीदों के गांवों का विकास प्राथमिकता से होगा। समान शिक्षा पद्धति लागू कर अमीर-गरीब के बच्चों को साथ पढ़ाया जाएगा।
नोटबंदी के फायदे क्यों नहीं बताते
जयंत ने कहा कि मोदी विदेश में अपनी झूठी तारीफ में जुटे रहते हैं और देश के किसान आत्महत्या कर रहे हैं। जवानों को सही भोजन तक नहीं मिल रहा है। कहा कि नोटबंदी का सबसे ज्यादा नुकसान किसानों को हुआ है। लोगों का रोजगार छिन गया और सरकार बताने को तैयार नहीं है कि नोटबंदी से देश को क्या फायदा हुआ। भाजपा आने वाले बजट में किसानों का कर्ज माफ करे। जयंत ने कहा कि सत्ता में आने पर किसानों का कर्ज माफ करेंगे। नौजवानों को बिना गारंटी और ब्याज के शिक्षा ऋण दिलाएंगे।
पूछना मामा का पैसा है क्या
जयंत ने चुटकी लेते हुए कहा कि चुनाव से पहले मोदी यूपीए सरकार द्वारा दिए गए पैसों पर ‘मामा का पैसा है क्या’ कहकर हमला करते थे। अब वह वोट मांगने आएं और पैसों की घोषणा करें तो कहना मामा का पैसा है क्या?
त्रिलोक त्यागी को नहीं बोलने दिया
वेस्ट यूपी संगठन प्रभारी डॉ. राजकुमार सांगवान ने राष्ट्रीय महासचिव त्रिलोक त्यागी को बुलाया तो युवा जयंत को बुलाने की मांग करने लगे। इससे त्यागी नहीं बोल पाए। इसके बाद जयंत ने संबोधित किया।
पंचायत में ये रहे शामिल
कार्यक्रम का संचालन गौरव जिटौली ने किया। पूर्व विधायक जगत सिंह, राष्ट्रीय महासचिव राजेंद्र शर्मा, पूर्व मंत्री योगराज सिंह, पूर्व विधायक साहब सिंह, खतौली विधायक करतार सिंह भड़ाना, वेस्ट यूपी अध्यक्ष मुंशीराम पाल, पूर्व विधायक परवेज हलीम, मुकेश जैन, सुनील रोहटा, राजेंद्र चिकारा, राहुल देव, राजेंद्र प्रमुख, एनुद्दीन शाह, डॉ. अजेंद्र शर्मा, डॉ. ज्ञानेंद्र शर्मा, राजीव बालियान, रवींद्र नरवार, नरेंद्र खजूरी, इंद्रपाल सिंह, बलराज सिंह, विनय मल्लापुर, कपिल बिसला, सुशील मलिक, सौरभ सिंह, संदीप चौधरी, योगेश फौजी, अब्दुल गफ्फार, अनीश कुरैशी, फुरकान अलवी, वकील चौधरी, भोपाल गुर्जर, राममेहर गुर्जर, वरुण सांगवान, अंकित कुरमाली, कपिल खटकी, सत्यचंद चौधरी, सोहराब ग्यास, मनोज राणा, संजीव पस्तरा, जयराज सिंह एडवोकेट, नरेश नंगला, जिशान सिद्दीकी, नासिर अंसारी, नायब अली आदि मौजूद रहे।
गठबंधन पर नहीं खोले पत्ते
कार्यक्रम के बाद प्रेस कांफ्रेंस में जयंत ने गठबंधन पर पत्ते नहीं खोले। सपा के मुलायम या अखिलेश गुट में से किससे गठबंधन होगा के सवाल पर उन्होंने कहा कि रालोद किसी का घर नहीं तोड़ती। हमारी तैयारी पूरी है। गठबंधन होगा या नहीं होगा, यह जल्द ही बता देंगे। किसानों की दुर्दशा के लिए केंद्र और राज्य सरकार में कौन दोषी है के सवाल पर जयंत ने दोनों को कठघरे में खड़ा किया। मोदी पर हमला बोलते हुए कहा कि मोदी की कथनी-करनी में अंतर से देश पिछड़ रहा है। हालांकि, मंच से उन्होंने अखिलेश गुट के साथ जाने का इशारा कर दिया था। कहा कि युवा इस बार प्रदेश की किस्मत लिखने जा रहे हैं। आप मेरा इशारा समझ गए होंगे।
युवाओं की अनुशासनहीनता
पंचायत में जयंत के पहुंचते ही युवाओं ने मंच कब्जा लिया। संचालकों के बार-बार कहने के बाद भी युवा मंच से नहीं उतरे। जयंत के बोलने के दौरान भी युवा मंच पर ही जमे रहे।