वेस्ट यूपी में अभी तक आलू किसान नोटबंदी की मार से उभरे भी नहीं पाए थे कि अब आलू की फसल पर पाले की मार ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। किसान और वैज्ञानिक फसल को बचाने का प्रयास कर रहे हैं।
वेस्ट यूपी में गन्ने के साथ-साथ किसान आलू की खेती भी बड़ी संख्या में करते हैं। जिले में इस समय 6600 हेक्टेयर में आलू की फसल खड़ी है। एक सप्ताह से शुरू हुआ पाला अब बढ़ता ही जा रहा है। आलू की फसल पर पाले का असर साफ दिखाई दे रहा है। मौसम की मार से मेरठ समेत वेस्ट यूपी के किसानों की फसल प्रभावित हो रही है। मोदीपुरम के केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान के संयुक्त निदेशक डॉ. मनोज कुमार का कहना है कि आलू पर मौसम की मार बढ़ती जा रही है। ऐसे में किसानों को जागरूक होकर काम करना होगा। अभी प्रारंभिक तौर पर आलू की फसल में 8 से 12 प्रतिशत तक पाले का असर दिखाई दे रहा है। समय रहते इसकी रोकथाम नहीं की गई तो फसल में नुकसान बढ़ता ही जा रहा है।
इन जनपदों में होती है आलू की खेती
मेरठ के अलावा, शामली, बागपत, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बुलंदशहर, मुरादाबाद, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, बदायूं, हाथरस, अलीगढ़, मथुरा, आगरा, फिरोजाबाद, इटावा, एटा, शिकोहाबाद, हापुड़, रामपुर, बरेली, पीलीभीत आदि जनपदों में आलू की खेती बड़े स्तर पर होती है।
मोटी हो रही पाले की परत
पाले की परत सुबह के समय मोटी हो रही है। पाले के बढ़ते प्रकोप से आलू की फसल पर सीधा असर पड़ता है। पाला आलू की फसल के ऊपरी हिस्से पर जम जाता है, जिसकी नमी नीचे पौधे तक बढ़ जाती है। इसके बढ़ने से पौधा खराब होने लगता है और वह मुरझा जाता है। इस समय जो पाला पड़ रहा है, वह बहुत ज्यादा है, और आलू की फसल उसे नहीं झेल पाएगी।
ऐसे बचाएं फसल को
- आलू की फसल में हल्का पानी दें।
- आलू के खेत में नमी बनाए रखें।
- खेत में ज्यादा पानी न दे, ज्यादा पानी से नुकसान होगा।
- फसल में कोई बीमारी आ रही है तो वैज्ञानिक से संपर्क करे।
- किसान सुबह के समय खेत पर जाकर पूरे खेत को जरूर देखे।
जागरूक हों किसान
पाले का असर बढ़ता ही जा रहा है, जिसके चलते वेस्ट यूपी के किसान परेशान है। पाला और ज्यादा बढे़गा तो नुकसान भी अधिक होगा। आलू पर पाले का सबसे ज्यादा असर दिखता है। किसानों को आलू की फसल को बचाने के लिए जागरूक होना होगा। -संयुक्त निदेशक, डॉ. मनोज कुमार, केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान मोदीपुरम
पाला कर रहा बर्बाद
पिछले चार दिन से पाला बढ़ता ही जा रहा है। पहले नोटबंदी ने आलू के किसानों को रुला दिया है, अब नई फसल आने के लिए तैयार है तो पाला बढ़ रहा है। किसान इस तरह से तो बर्बाद हो जाएगा। फसल को बचाने के लिए प्रयास किए जा रहे है। -भोपाल सिंह, किसान, फंफूडा